ओबीसी आरक्षण को लेकर कांग्रेस का हुंकार, राज्यपाल के नाम सौंपा ज्ञापन | New India Times

मोहम्मद इसहाक मदनी, ब्यूरो चीफ, मैहर (मप्र), NIT:

ओबीसी आरक्षण को लेकर कांग्रेस का हुंकार, राज्यपाल के नाम सौंपा ज्ञापन | New India Times

ओबीसी वर्ग के अधिकारों एवं संवैधानिक आरक्षण की पुनर्स्थापना की मांग को लेकर जिला कांग्रेस कमेटी ने आज अदम्य उत्साह एवं अटूट संकल्प के साथ राज्यपाल के नाम एक ज्ञापन मैहर कलेक्टर कार्यालय में सौंपा। इस अवसर पर संपूर्ण प्रांगण जोशीले नारों और गर्जनभरे स्वर से गुंजायमान हो उठा, मानो उपेक्षित समाज की आकांक्षाएं एकजुट होकर प्रतिरोध का स्वरूप धारण कर रही हों। ज्ञापन कलेक्टर के माध्यम से राज्यपाल को प्रेषित किया गया।

कांग्रेस नेतृत्व ने संविधान-सम्मत न्याय की अलख जगाते हुए अपने वक्तव्यों में ओबीसी समाज के प्रति गहन संवेदना एवं अटूट प्रतिबद्धता प्रकट की। जिला कांग्रेस अध्यक्ष धर्मेश घई ने कहा कि यह संघर्ष मात्र आरक्षण का प्रश्न नहीं यह तो सामाजिक समता और न्याय के पुनः प्रतिष्ठापन का सामूहिक उद्घोष है। जब हाशिए पर खड़े वर्ग की अस्मिता पर कुठाराघात हो रहा हो तब कांग्रेस ही वह शक्ति है जो संविधान की आत्मा को जीवित रखे हुए है। जब तक ओबीसी वर्ग को उनका संवैधानिक हक़ नहीं मिलेगा यह संघर्ष अविराम जारी रहेगा।पूर्व विधायक मनीष पटेल के विचार पूर्व प्रत्याशी विधानसभा मनीष पटेल ने इस अवसर पर अपने विचार प्रकट करते हुए कहा कि ओबीसी वर्ग के अधिकारों से छेड़छाड़ किसी साधारण अन्याय की परिधि में नहीं आती

अपितु यह भारतीय लोकतंत्र के प्राणतत्व पर आघात है। संवैधानिक आरक्षण केवल अधिकार-पत्र नहीं, बल्कि शताब्दियों के सामाजिक दमन के परिहार का साधन है। यदि आज कांग्रेस इस मुद्दे को ध्वजवत् अग्रसर करती है, तो यह केवल एक राजनीतिक प्रयत्न नहीं, बल्कि ऐतिहासिक न्याय का पुनराभिषेक होगा। अतः अनिवार्य है कि ओबीसी समाज की आवाज़ को अनुगूंजित किया जाए और उसके संवैधानिक अधिकारों की अविचल रक्षा की जाए। ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष प्रभात द्विवेदी ने आक्रोशपूर्ण किन्तु संयमित स्वर में कहा ओबीसी समाज की उपेक्षा लोकतंत्र की जड़ों पर कुठाराघात है। सत्ता के गलियारों में बैठी ताक़तें यदि सामाजिक संतुलन को खंडित करने का षड्यंत्र रचेंगी, तो कांग्रेस सड़क से लेकर सदन तक संघर्ष का बिगुल बजाएगी। आज का यह ज्ञापन सत्ता के लिए चेतावनी है कि जनता की आवाज़ को किसी भी प्रकार दबाया नहीं जा सकता।

सेवादल जिला अध्यक्ष अरुण तनय मिश्रा ने कहा कि ओबीसी वर्ग की जनसंख्या का अनुपात राष्ट्र की लोकतांत्रिक रीढ़ है। यदि इन्हें उनके संवैधानिक हिस्से से वंचित किया गया, तो सामाजिक असंतुलन के साथ-साथ राष्ट्र की प्रगति भी बाधित होगी। कांग्रेस इस अन्याय के प्रतिरोध में अंतिम क्षण तक अडिग खड़ी रहेगी। कलेक्टर परिसर कांग्रेस कार्यकर्ताओं के गगनभेदी नारों से थर्रा उठा आरक्षण हमारा अधिकार है, कोई नहीं छीन सकता सामाजिक न्याय अमर रहे, कांग्रेस पार्टी ज़िंदाबाद जैसे घोषणाओं ने वातावरण को आंदोलनी आभा से सराबोर कर दिया।

कांग्रेस का यह सशक्त कदम न केवल ओबीसी समाज को संबल प्रदान करता है, बल्कि प्रदेश की राजनीति में नए समीकरणों की आहट भी देता है। राजनीतिक प्रेक्षकों का मानना है कि यदि कांग्रेस इस विषय को संगठित रणनीति के साथ आगे बढ़ाती है। तो यह न केवल संगठनात्मक ऊर्जा का संचार करेगा बल्कि भविष्य की राजनीति में निर्णायक भूमिका भी निभा सकता है। आज प्रस्तुत ज्ञापन केवल औपचारिक पत्र नहीं, बल्कि ओबीसी समाज की वेदना और कांग्रेस की वैचारिक प्रतिबद्धता का प्रत्यक्ष साक्ष्य है। निस्संदेह यह संघर्ष आगामी दिनों में राजनीति की धुरी को नई परिभाषा देगा।

इस अवसर पर जिला कांग्रेस अध्यक्ष धर्मेश घई प्रभात द्विवेदी मनीष पटेल अरुण तने मिश्रा रामायण प्रताप सिंह चूड़ामणि बाड़ोलिया रोशन लाल कुशवाहा अखिल मिश्रा शशांक पटेल  ऋषिकेश पांडे  विश्व मोहन बढ़ गया गणेश चतुर्वेदी महेंद्र त्रिपाठी बैजनाथ कुशवाहा शारदा पटेल राज बाबू सिंह बद्री कुशवाहा मोती पटेल अयोध्या कुशवाहा सुनील कोरी मुकेश सेन मनीष दुबे मनी कोल देवांग चौरसिया सनी सिंह राजू रिवारा सगीर अहमद कुल्लन भाई राजकुमार प्रजापति नसीब खान जान मोहम्मद पंकज सोनी अक्षय कुमार  दाहिया रवि चौरसिया मोहम्मद शरीफ आदि कांग्रेस कार्यकर्ता उपस्थित रहे।

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