बुरहानपुर का गांधी चौक बना अतिक्रमण का अड्डा, नागरिकों के अधिकार पर संकट | New India Times

मेहलक़ा इक़बाल अंसारी, ब्यूरो चीफ, बुरहानपुर (मप्र), NIT:

बुरहानपुर का गांधी चौक बना अतिक्रमण का अड्डा, नागरिकों के अधिकार पर संकट | New India Times

शहर का गांधी चौक और इक़बाल चौक इलाक़ा अति व्यस्ततम क्षेत्र में शामिल है। शहर का फैलाव आज़ाद नगर, हमीद पुरा, वीरेंद्र कॉलोनी या परकोटे के बाहर होने के बावजूद भी इस क्षेत्र का महत्व कम नहीं हुआ है। ग्रामीण क्षेत्र की आबादी व्यावसायिक रूप से इन्हीं दो क्षेत्र से जुड़ी हुई है। क्षेत्र के निवासी डॉक्टर साजिद उर रहमान, जोकि इस क्षेत्र के क़दीमी निवासी होकर फर्म जीए करीम साइकिल की लाइन में अपना क्लीनिक और फिजियोथैरेपी सेंटर संचालित करते हैं, ने बताया कि हमारे क्षेत्र गांधी चौक – टाँगा स्टैंड – शाही जामा मस्जिद के सामने पहले रास्ता पूरी तरह खुला था। और क्षेत्र वासियों को सुख अधिकार प्राप्त था।

यहाँ एक भी ठेला या ऑटो खड़ा नहीं होता था, लेकिन अब स्थिति यह है कि नगर निगम के अधिकारी और कर्मचारियों ने रहवासियों के सुखाधिकार को नज़र अंदाज़ करते हुए दुकानों और घरों के सामने ठेले लगवा दिए गए हैं। साथ ही 4–5 ऑटो रिक्शे भी वहीं खड़े रहते हैं, जिससे पूरा रास्ता जाम हो जाता है। इससे जहां दुकानदारों का व्यापार चौपट हो गया है। वहीं इस क्षेत्र के स्थानीय निवासियों के घरों के सामने रास्ता बंद हो गया है। वे अपने सुखाधिकार से वंचित हो गए हैं और निरंतर हो रहे हैं। इसकी शिकायत सीएम  हेल्पलाइन नंबर 181 पर 7 कंप्लेंट की गई थी। यह सारी शिकायतें निराकरण किए बिना ही बंद कर दी गई हैं। बुरहानपुर कलेक्टर, आयुक्त नगर पालिका निगम बुरहानपुर और एसडीएम बुरहानपुर को शिकायतें करने के उपरांत भी अधिकारियों द्वारा उसका निराकरण नहीं किया जाता है। थाना सिटी कोतवाली अंतर्गत यह क्षेत्र अति व्यस्ततम होने से लगातार जाम और दुर्घटना का खतरा सदैव बना रहता है।

आप है कि कर/टैक्स चुकाने वाले नागरिकों के अधिकार छीने जा रहे हैं। इसका कारण यह है कि जिला प्रशासन बुरहानपुर के अधिकारियों की ओर से ऐसे लोगों को अपरोक्ष रूप से संरक्षण देने के कारण सार्वजनिक स्थानों पर जबरन अतिक्रमण कराया गया है और ऑटो पार्किंग भी यहीं बना दी गई है। जिसके कारण यहां के रहवासी मानसिक रूप से परेशान और प्रताड़ना के शिकार हो रहे हैं। स्थिति यह है जो ठेले तांगा स्टैंड पर लगाए गए वह अपनी पुरानी जगह ठेले लगा रहे हैं और उनका बंद का समय शाम 6:00 बजे तक हुआ करता था। लेकिन निगम अधिकारियों के संरक्षण के कारण शाम 6:00 बजे बंद करने के बाद अपने-अपने पुराने स्थान पर ले जाते थे वह वहां नहीं ले जाकर तांगा स्टैंड पर ही खड़े कर देते हैं । अगर कोई अधिकारी आता है गांधी चौक से सारे झुंड बनाकर तांगा स्टैंड पर आ जाते हैं दिनभर यही चलता रहता है जिससे जाम की स्थिति बन जाती है।

डॉक्टर साजिद उर रहमान ने बताया कि हमारी मांग है कि (1) दुकानों और घरों के सामने लगे ठेले व खड़े ऑटो तत्काल हटाए जाएँ।

(2) ठेला व्यवसायियों और ऑटो चालकों के लिए अलग से किसी और स्थान पर ज़ोन/स्टैंड बनाया जाए।

डॉक्टर साजिद उर रहमान ने बताया कि ज़िला प्रशासन बुरहानपुर के सर्व संबंधित अधिकारियों द्वारा अगर उनके द्वारा की गई शिकायत का शीघ्र निराकरण नहीं किया जाता है तो क्षेत्रवासी विवश होकर माननीय सक्षम न्यायालय या उच्च न्यायालय के समक्ष अपनी फरियाद करेंगे। उन्होंने न्याय प्रिय जनता से और रहवासियों से अपील की है कि मिलजुल कर, संगठित होकर एकता के साथ अपने हक़ अधिकार की आवाज़ उठाएँ ताकि बुरहानपुर की सड़कें और ऐतिहासिक धरोहरें अतिक्रमण से मुक्त हो सकें।

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