मुख्यमंत्री के नाम एस.डी.एम को दिया समूह की महिलाओं ने ज्ञापन,  4 महीने से राशि जमा नहीं होने से हो रही हैं परेशान | New India Times

पंकज शर्मा, ब्यूरो चीफ, धार (म.प्र.), NIT:

मुख्यमंत्री के नाम एस.डी.एम को दिया समूह की महिलाओं ने ज्ञापन,  4 महीने से राशि जमा नहीं होने से हो रही हैं परेशान | New India Times

नारी शक्ति विकास महिला मंडल महासंघ के प्रदेश अध्यक्ष श्रीमती विमला बालाराम चौहान के दिशा निर्देश पर परदेस भर में ज्ञापन दिया जा रहा हे,,आज धार जिले की बदनावर ब्लॉक में हजारो समूह संचालक एवं रसोइयों बहने एकत्रित हुई और 4 माह से  मध्यान भोजन की राशि जमा नहीं होने से तिलमिला उठी है और अपने परिवार का भरण पोषण सही तरीके से कर नहीं पा रही हैं और इस उद्देश्यों को लेकर उन्होंने सरकार को अवगत करवाते हुए कहा है कि मध्यान भोजन,सांझा चूल्हा संचालित स्व सहायता समूह एवं रसोइयों बहने कई समस्याओं से जूझ रही है विगत 4 महीने से मध्यान भोजन की राशि जमा नहीं होने की वजह से समूह संचालक माता बहने अपने आप को ठगा सा महसूस कर रही है क्योंकि 4 महीने से राशि उपलब्ध नहीं करने की वजह से समूह की बहने दर-दर भटक रही हे घर में खाने के टोटे पड़ गए हैं, अपने परिवार का भरण पोषण करने में बड़ी कठिनाइयां का सामना करना पड़ रहा है और किराने की दुकानों पर भटक रही है उनको कोई किराने का सामान उधार नहीं दे रहे हैं।

मुख्यमंत्री के नाम एस.डी.एम को दिया समूह की महिलाओं ने ज्ञापन,  4 महीने से राशि जमा नहीं होने से हो रही हैं परेशान | New India Times

कई समूह संचालक ने अपने छोटे-मोटे गहने गिरवी रखकर मध्यान भोजन चला रही हैं ऐसी स्थिति में समूह की बहने की स्थिति बहुत ही दयनी होती जा रही है अगर सरकार ने अभी समस्या नहीं सुनी तो कई समूह संचालक भुखमरी और गरीबी से अपना जीवन खो बैठेगी,, और जून माह में, साझा चूल्हा कार्यक्रम में आंगनबाड़ियों में 15 दिन खाना दिया गया था और 15 दिन,, रेडी टू ईट,, सुख पोषण आहार वितरण किया गया था, जो कि जून माह में मिलने वाले खाद्यान्न से तीन गुना अधिक महिला बाल विकास द्वारा बच्चों को बटवाया गया था, उसकी राशि 15 दिवस की जमा हुई और 15 दिवस की आज दिनांक तक जमा नहीं हुई,, स्थिति इस तरह हो गई है कि मध्यान भोजन, सांझा चूल्हा बंद करने की स्थिति आ गई है इसलिए शासन प्रशासन से निवेदन है कि जल्द से जल्द मध्यान भोजन की समस्या का निराकरण किया जाए।

अगर समस्या का निराकरण जल्द नहीं हुआ तो पूरे मध्य प्रदेश में मध्यान भोजन सांझा चूल्हा संचालित स्व सहायता समूह की बहने,,भूख हड़ताल ,,करेंगी, और उस भूख हड़ताल में अगर कुछ अनहोनी होती है समूह की बहनों पर तो उसकी जवाबदारी शासन प्रशासन स्वयं की रहेगी ज्ञापन दिया गया, महेश कोमल चौधरी, पवनबाई, सुनीता, रीना, सीमा बाई जसवंत परिहार, शरदबाई सुरेश बैरागी, चंदाबाई, क्षबीनू कुवर, सीमा चौहान, लताबाई, रुखमा बाई, डालीबाई, गंगाबाई, इसके नेतृत्व में ज्ञापन दिया गया इस मौके पर  हजार महिला उपस्थित रही, हमारी 11 सूत्री मांग इस तरह से है —
➡️ मध्यान भोजन में मिडिल स्कूल में 150 ग्राम खाद्यान्न से बढ़कर 250 ग्राम दिया जाए और प्राथमिक स्कूल में 100 ग्राम से बढ़ाकर 200 ग्राम दिया जाए
➡️ सांझा चूल्हा में पुनः परिवहन भत्ता उपलब्ध करवाया जाए और शेहरी क्षेत्र में समूह संचालक , सांझा चूल्हा में रसोईयन बहनों को राशि उपलब्ध कराई जाए
➡️सांझा चूल्हा रसोईयन का मानदेय ₹500 से बढ़कर 3000₹ महीना दीये जाए
➡️मध्यान भोजन, मिडिल स्कूल की राशि 15₹ प्रति बच्चा,प्राथमिक स्कूल में ₹10 प्रति बच्चा दिया जाए
➡️सांझा चूल्हे का खाद्यान्न कम प्राप्त हो रहा हे प्रति बच्चे 100 ग्राम दिया जाए
➡️मध्यान भोजन,सांझा चूल्हा में खाना बनाने के लिए,गैस टंकी ₹500 में प्राप्त हो
➡️ मध्यान भोजन बनाने वाली रसोईयन को कार्य के दौरान दुर्घटना होने पर , मेडिकल क्लेम एवं दुर्घटना ,मृत्यु बीमा पाँच लाख ₹500000 का दिया जाए
➡️ मध्यान भोजन रसोईयन की तंखा ₹4000 से बढ़कर ₹7000 दिए जाए
➡️मध्यान भोजन में खाना बनाने वाली रसोईयन को नियमित किया जाए,
➡️ मध्यान भोजन रसोईयन की पात्रता 18 वर्ष से 65 वर्ष की जाए, 65 साल में रिटायरमेंट किया जाए।

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