सरकार बनने के बाद अब बंद होगी मुख्यमंत्री कार्य प्रशिक्षण योजना ? | New India Times

नरेन्द्र कुमार, ब्यूरो चीफ़, जलगांव (महाराष्ट्र), NIT:

सरकार बनने के बाद अब बंद होगी मुख्यमंत्री कार्य प्रशिक्षण योजना ? | New India Times

महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव के ठीक पहले बीजेपी ने मुख्यमंत्री कार्य प्रशिक्षण योजना के माध्यम से 1 लाख 40 हजार बेरोजगारों को सरकारी तिज़ोरी से मानदेय दे कर काम पर रखा। 06 से 10 हजार रुपए मासिक मानदेय पर प्रशासनिक विभागों में छोटा मोटा काम करने वाले इन युवाओं के वेतन के लिए अब सरकार की तिज़ोरी में पैसा नही है। विधानसभा चुनाव के मुहाने स्थानीय नेताओं मंत्रियों के शिफारिशों पर सरकारी सिस्टम में भर्ती किए गए ये प्रशिक्षार्थी सत्ता पक्ष में शामिल दलो के कार्यकर्ता थे वोटर थे या फिर प्रचारक इस बात की जानकारी उन पार्टियों से पूछी जानी चाहिए जिन्होंने इनसे काम लिया।

महाराष्ट्र में अनेक ऐसे निर्वाचन क्षेत्र है जहां के स्वयं घोषित लाडले नेता सैकड़ों लड़कों को महीने का 5 से 8 हजार रुपया पॉकेट मनी दे कर अपनी विकास रहित बांझ राजनीत को चमकाते रहते हैं। महाराष्ट्र के सभी सरकारी महकमो में खाली पड़े लाखों पद भरने पर सरकार ने रोक लगा रखी है। सूत्रों के मुताबिक खबर यह भी है कि आज अलग अलग विभागों में जो पद मंत्रियों के विशेष अधिकार में भरे जा रहे हैं उनके लिए करोड़ों रुपए के लेनदेन का व्यवहार किया जा रहा है।

मुख्यमंत्री कार्य प्रशिक्षण योजना के अनुबंध ख़त्म हो चुके हैं लाखों बेकार सड़कों पर उतरकर सत्ता पक्ष द्वारा विधानसभा चुनाव के दौरान किए गए उनके इस्तेमाल का हिसाब आने वाले निकाय चुनावों में चुकता करने की धमकी दे रहे हैं। 10 लाख करोड़ रुपए के क़र्ज़ के कारण राज्य दिवालिया हो गया है बस घोषित होना शेष है। राहुल गांधी की ओर से नरेन्द्र मोदी पर लगाए जा रहे वोट चोरी के आरोपों को देवेन्द्र फडणवीस सरकार महाराष्ट्र में युवाओं के रोजगार , मराठा धनगर समाज के सामाजिक आरक्षण, किसानों के फसलों की MSP की चोरी कर के साबित कर रही है।

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