अपाहिज पुत्री को आवास न मिलने पर पीड़ित पिता ने दी आत्मदाह की धमकी, प्रशासन के हाथपांव फूले | New India Times

गुलज़ार अहमद, मैनपुरी (यूपी), NIT; ​अपाहिज पुत्री को आवास न मिलने पर पीड़ित पिता ने दी आत्मदाह की धमकी, प्रशासन के हाथपांव फूले | New India Timesअपाहिज पुत्री को प्रधान पति की मनमानी के चलते आवास न दिए जाने एवं शिकायत करने पर खुलेआम जान से मारने की धमकी दिए जाने से क्षुब्ध होकर पीड़ित पिता ने 5 जनवरी को जिलाधिकारी कार्यालय के बाहर आत्मदाह किये जाने की धमकी दी। आत्मदाह की धमकी से प्रशाशन में हड़कम्प मच गया। पुलिस पीड़ित पिता को तलाशने में जुट गई, लेकिन वह पुलिस के हत्थे नही लगा, पांच जनवरी को प्रातः चौकी पुलिस ने आत्मदाह की धमकी देने वाले पीड़ित पिता को जिलाधकारी कार्यालय पर जाने से पूर्व ही उसके घर से धर दबोचा और थाने ले आयी। समाचार लिखे जाने तक पीड़ित पिता द्वारा आत्मदाह के डर से पुलिस ने थाने पर बैठाए रखा।​अपाहिज पुत्री को आवास न मिलने पर पीड़ित पिता ने दी आत्मदाह की धमकी, प्रशासन के हाथपांव फूले | New India Timesमामला भोंगाव थाना क्षेत्र की चौकी अलीपुरखेड़ा के ग्राम अलीपुर पट्टी का है। जहां ग्राम प्रधान पति के मनमानी के चलते अलीपुर पट्टी निवासी सुल्तान आलम पुत्र अलाउद्दीन ने ग्राम प्रधान पति महाराज सिंह पर गम्भीर आरोप लगाते हुए जिलाधिकारी कार्यालय के सामने 5 जनवरी को आत्मदाह किये जाने की धमकी दी, जिससे प्रशासन में हड़कम्प मच गया। आनन फानन में पुलिस ने सुल्तान आलम की तलाश शुरू कर दी, लेकिन तीन दिन तक सुल्तान आलम पुलिस के हत्थे नही चढ़ा, चार जनवरी की शाम होते ही प्रशासन के हाथ पांव फूलने लगे। तभी पांच जनवरी की सुबह जैसे ही सुल्तान आलम अपनी अपाहिज पुत्री को लेकर जिलाधिकारी कार्यालय के लिए निकलने ही वाला था तभी चौकी अलीपुरखेड़ा पुलिस ने उसे धर दबोचा और थाने ले आयी। सुल्तान आलम की गिरफ्तारी होते ही प्रशासनिक अधिकारियों एवं थाना पुलिस ने राहत की सांस ली। 

क्या कहना है आत्मदाह की धमकी देने वाले सुल्तान का

सुल्तान आलम ने बताया कि उसकी 22 साल की अपहिज पुत्री नाजिश जो निचले आधे धड़ से अपाहिज है, जिसके लिए उसने कई बार ग्राम प्रधान पति महाराज सिंह से सरकारी आवास दिलाये जाने की गुहार लगाई, लेकिन उसकी एक बार भी प्रधान पति ने नहीं सुनी और अपने चहेतों को 2-2 और 3-3 बार आवास दिला दिए। वहीं जिनके मकान पहले से ही पक्के बने हुए हैं, उनकी लीपापोती कर आधे आधे में आवास के सरकारी पैसों का बन्दर बाँट कर बड़ा घोटाला किया जा रहा है। जबकि सरकार की मंशा आवास विहीन लोगों को आवास दिए जाने की है, लेकिन आवास विहीन लोगों को आवास के नाम पर अगली बार दिलाने की बात कहकर टरका दिया जाता है। जिनको आवास बनवाने की जिम्मेदारी दी गयी है वो दबंग किस्म के लोग हैं जो शिकायत करने या मुंह खोलने पर धमकी देते हैं।

उसने 21 सितंबर 2017 को मुख्य विकास अधिकारी मैनपुरी को प्रार्थना पत्र देकर अपनी 100 प्रतिशत अपाहिज पुत्री नाजिश को आवास दिलाने की गुहार लगाई लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। उसको जो पेंशन मिलती थी वो भी ग्राम प्रधान पति ने कटवा दी। इसके बाद उसने 3 अक्तूबर 2017 को एक प्रार्थना पत्र दिया लेकिन कोई सुनवाई नही हुई। उसने आवास के लिए ऑनलाइन भी अप्लाई किया फिर भी कुछ न हुआ। एक साल से उसको पेंशन मिलना भी बंद हो गयी है। शिकायत करने पर ग्राम प्रधान पति महाराज सिंह ने उसके घर पर जाकर उसको जान से मारने की धमकी दी। ​अपाहिज पुत्री को आवास न मिलने पर पीड़ित पिता ने दी आत्मदाह की धमकी, प्रशासन के हाथपांव फूले | New India Timesअपाहिज बेटी के पिता सुल्तान आलम ने थकहार कर आत्मदाह करने का निर्णय लिया। उसने 16 दिसम्बर 2017 को मुख्यमंत्री उत्तर प्रदेश, मानवाधिकार आयोग दिल्ली, कमिश्नर आगरा, जिलाधकारी मैनपुरी, पुलिस अधीक्षक मैनपुरी व मुख्य विकास अधिकारी मैनपुरी को डाक द्वारा पुनः प्रार्थना पत्र भेज कर कहा कि ग्राम पंचायत अलीपुरपट्टी में आवासों के जिम्मेदार लोगों ने दलाल तैनात कर दिए हैं। जो लाभार्थी से आवास दिलाये जाने के नाम पर पैसों की मांग करते हैं। उसने कहा कि दलाल नवलेश पुत्र रामस्वरूप निवासी अलीपुर पट्टी ने अपनी माँ प्रेमलता पत्नी रामस्वरुप, भाभी नीलम पत्नी घनशयाम को आवास दिए। जो आवास दिए हैं वो आधे आधे रुपयों में दिए जा रहे हैं। जिनके मकान पहले से ही पक्के बने हुए हैं उनकी लीपापोती कराकर उनको आधे पैसे देकर आधे पैसों का बन्दर बाँट कर बड़े पैमाने पर सरकारी आवासों के बंटवारे में बड़ा घोटाला किया जा रहा है। उसने दिए गए प्रार्थना पत्र में में कहा कि उसके साथ कोई घटना होती है तो उसका जिम्मेदार प्रधान पति महाराज सिंह पुत्र भगवान सिंह निवासी नगला वन होगा। उसने शासन व प्रशासन को चेतावनी देते हुए कहा कि अगर 4 जनवरी 2018 तक उसे न्याय न मिला तो 5 जनवरी 2018 को वह जिलाधकारी कार्यालय के बाहर आत्मदाह कर लेगा। 

पीड़ित पिता द्वारा मुख्यमंत्री उत्तरप्रदेश, मानवाधिकार आयोग दिल्ली, कमिश्नर आगरा, जिलाधकारी मैनपुरी, पुलिस अधीक्षक मैनपुरी व मुख्य विकास अधिकारी मैनपुरी को भेजे गए आत्मदाह की धमकी भरे पत्र के बाद प्रशासन में हड़कम्प मच गया। पुलिस ने पीड़ित पिता की तलाश शुरू कर दी। चार जनवरी तक जब वह  पुलिस के हत्थे नही चढ़ा तो प्रशासन की सांसे फूलने लगीं, कि कहीं सुबह होते ही वो जिलाधिकारी कार्यालय के सामने आत्मदाह न कर ले। 5 जनवरी को सुबह चौकी अलीपुरखेड़ा पुलिस ने आत्मदाह की धमकी देने वाले सुल्तान आलम को उसके आवास से धर दबोचा और थाने ले आयी। समाचार लिखे जाने तक आत्मदाह के डर से पुलिस ने उसे थाने पर बैठाए रखा।

क्या कहना है सीओ भोंगाव का

इस संबंध में सीओ भोंगाव परमानंद पांडे ने बताया कि उसकी अपाहिज पुत्री का नाम पात्रता की सूची में शामिल कर शाशन को भेज दिया गया है, अब दोबारा आवास आवंटन होंगे तो उसकी पुत्री को आवास मिल जाएगा।

क्या कहना है एसडीएम भोंगाव का

इस संबंध में एसडीएम भोंगाव संदीप कुमार ने बताया कि पीड़ित पिता को आवास दिलाये जाने का आश्वासन देते हुए उसकी अपाहिज पुत्री का नाम पात्रता की सूची में शामिल कर मुख्य विकास अधिकारी के यहां भेज दिया गया है। आवासों के आवंटन होने पर उसको आवास दिल दिया जाएगा। उन्होंने कार्यवाही के नाम पर बताया कि सुल्तान आलम को आश्वासन दिए जाने के बाद वापस भेज दिया गया है।

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