मकसूद अली, यवतमाल (महाराष्ट्र), NIT;
महाराष्ट्र के यवतमाल नगर पालिका हद में ग्रामीण इलाके के कुछ नए गांव जोडे गए हैं, जिसमें वडगांव, लोहारा, वाघापुर, पिंपळगांव, उमरसरा, मोहा शाभिल हैं। इन सब गांव में रहेने वाले नागरिकों की प्रॉपर्टी का वैल्यूएशन निकालने का काम एक प्रायवेट कंपनी को करोडों रूपयों में दिया गया है, जिसका बोझ अब आम नागरिकों से ज़्यादा टैक्स लगाकर वसूल किया जा रहा है और पालिका की ओर से सहूलत बिल्कुल ज़ीरो है। नालियों का पता नहीं, कच्चे रास्ते हैं, कचरे के अम्बार लगे पडे हैं, एतराफ़ में महीनों तक सफाई नही होती, आज़ाद घूमने वाले जंगली सुअर और आवारा कुत्तों पर नगर पालिका की ओर से कोई रोकथाम नहीं है।
इन सब तकलीफों के चलते नागरिक काफ़ी परेशान हैं। जिसके लिए यवतमाल नागरी हक्क संरक्षण समिति ने ज्ञापन देकर इन सब परेशानियों की तरफ सरकार का ध्यान खींचने के लिए ज़िल्हा मजिस्ट्रेट यवतमल ऑफिस के सामने अंदोलन करके अपनी तकलीफों का इज़हार किया और टैक्स में कमी करके इलाक़े में साफ़ सफाई, आम नागरिकों को मिलने वाली जाएज़ सभी सहूलतें देने की मांग की है।
