पीयूष मिश्रा/अश्वनी मिश्रा, सिवनी (मप्र), NIT;
सिवनी जिला के आदिवासी बाहुल्य घंसौर ब्लॉक के बालपुर गांव में 11वीं सदी की प्राचीन प्रतिमा मिली है। बालपुर के किसान भुक्कू पिता रत्नू को खेत में खुदाई के दौरान कल्चुरी काल की 11वीं सदी की प्रतिमा मिली है। पुरातत्व विभाग के अनुसार यह प्रतिमा योगिनी कौल संप्रदाय की आराध्य देवी है।
पुरातत्व विभाग के वरिष्ठ मार्गदर्शक आर.के. सोनी ने बताया है कि प्रतिमा को जिला पुरातत्व संग्रहालय सिवनी में सुरक्षित रखवा दिया गया है। प्रतिमा स्थानीय भूरे बलुआ स्तर पर निर्मित है। प्रतिमा में योगिनी को द्विभंग मुद्रा में दिखाया गया है। योगिनी का शरीर स्त्री का है और मुख पशु का है।
प्रतिमा की आठ भुजाएं हैं। इस प्रतिमा के दाहिनी ओर के ऊपर हाथ में तलवार, दूसरे हाथ में चक्र, तीसरे में कमल तथा चौथा अस्पष्ट है। बायीं ओर हाथ में अग्नि, द्वितीय हाथ में खेटक, तीसरे में धनुष तथा चौथी भुजा में असुर पैर को कठोरता से पकड़ा है। देवी के मस्तक पर सुंदर मुकुट गले में हार, मंगलसूत्र हाथ में कंगन, कर्धन, वस्त्र आदि आभूषणों से अलंकृत है।
