सैय्यद फैज़ानुद्दीन, पुसद-यवतमाल (महाराष्ट्र), NIT;
भिमा-कोरेगांव में दो गुटों के बीच हुए पथराव का निषेध पूरे महाराष्ट्र के सभी शहरों में दिखने को मिला। महाराष्ट्र बंद का असर लगभग सभी जिलों व शहरों में दिखाई दिया। यवतमाल जिले का पुसद शहर में भी बंद रहा है।
पुणे जिले के भिमा कोरेगांव में 1 जनवरी को आंबेडकरी समाज की तरफ से “शौर्य दिवस” मनाया जाता है। इस उत्सव के लिए पूरे देश से लाखों की संख्या में अनुयायी भिमा कोरेगांव पहुंचे हैं। कुछ असामाजिक तत्वों ने इन अनुयायियों के वाहनों की तोड़फोड़ कर उसे आग के हवाले कर दिया था, तत्पश्चात इस घटना के बाद में पूरे महाराष्ट्र के हालात बिगड़ गए और राज्य के कई शहरों में तोड़फोड़ व आगजनी की घटना घटी।
जिसके चलते प्रकाश आंबेडकर द्वारा महाराष्ट्र बंद का ऐलान किया गया, जिसके बाद दलित बंधुओं की ओर से पूरा महाराष्ट्र बंद किया गया था, इसका असर यवतमाल जिले के पुसद शहर में भी देखनेको मिला।
पुसद में सुबह से ही भीम सैनिकों द्वारा जगह जगह रैली निकाल कर दुकानें तथा कारोबार बंद रखने का ऐलान किया गया। इसके चलते व्यापारी वर्गों ने 100 % अपनी दुकानें और कारोबार बंद रखे। बंद की वजह से जन जिवन ठप नज़र आया, खास कर बसें बंद होनेसे मुसाफिरों को काफी दिक्कतों का सामना करना पडा। मुसाफिरों को बाहर गांव जाने के लिए अपने निजी वाहनों का इस्तेमाल करना पूरे ज़िल्हे में बंद के चलते पुलिस ने कड़ा बंदोबस्त रखा था ताकि कोई अनुचित घटना ना घाटे।
