अंकित तिवारी, ब्यूरो चीफ, प्रयागराज (यूपी), NIT:

प्रयागराज धरना स्थल पर स्टाफ सलेक्शन कमिशन यानी एसएससी की भर्ती परीक्षा में धांधली,भ्रष्टाचार अनियमितता और अपारदर्शिता के खिलाफ हुए प्रदर्शन का ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (आइसा ), इंकलाबी नौजवान सभा (आरवाईए) ने समर्थन किया। आज हुए प्रदर्शन में शामिल आइसा के प्रदेश उपाध्यक्ष विवेक कुमार, भानु व आरवाईए के प्रदेश सचिव सुनील मौर्य ने कहा कि प्राइवेट कंपनियों को ठेका देकर भर्ती परीक्षा करने के कारण ना तो मानक स्तर पर और ना ही नियत समय पर परीक्षा आयोजित हो पा रही है। उसमें भी धांधली, भ्रष्टाचार और अपारदर्शी तरीके से परीक्षा का होना एक आम सी बात हो गई है। करोड़ों नौजवान इसकी तैयारी करता है और प्राइवेट कंपनियों द्वारा आयोजित कराई जा रही इस भर्ती परीक्षा में समय-समय पर तरह-तरह की खामियों और भ्रष्टाचार उजागर होते रहते हैं जिससे नौजवानों का मनोबल टूट रहा है।

इस परीक्षा की तैयारी के लिए करोड़ों की संख्या में नौजवान पैसा, समय और ऊर्जा खर्च करता है ताकि उसे सम्मानजनक रोजगार मिल सके। लेकिन रोजगार तो दूर की बात है समय से परीक्षा आयोजित होना, उसकी निष्पक्षता व पारदर्शिता का बने रहना भी मौजूदा सरकार में संभव नहीं हो पा रहा है। एसएससी भर्ती परीक्षा में इस तरह के घोटाले और भ्रष्टाचार नए नहीं हैं 2017 और 2018 में लाखों की संख्या में छात्र प्राइवेट कंपनियों द्वारा कराई जा रही इस परीक्षा के खिलाफ सड़क पर उतरे थे और आंदोलन किया था, उस वक्त भी मौजूदा सरकार ने छात्रों की मांग को अस्वीकार किया जिसका खामियाजा उन्हें आज फिर भुगतना पड़ रहा है। आज भर्ती परीक्षाओं में भ्रष्टाचार एक भर्ती परीक्षा तक सीमित नहीं रहा, बल्कि रेलवे, बैंक व शिक्षक भर्ती समेत सभी परीक्षाओं में इसी तरह का संकट देखने को मिल रहा है। इसको तत्काल ठीक नहीं किया गया तो छात्रों का भविष्य बर्बाद होने से नहीं बचाया जा सकता है।
ऑल इंडिया स्टूडेंट एसोसिएशन (आइसा), इंकलाबी नौजवान सभा (आरवाईए) छात्रों नौजवानों के भविष्य के साथ किए जा रहे खिलवाड़ की कड़ी शब्दों में निंदा करती है। इसके साथ ही यह मांग करती है कि एसएससी भर्ती परीक्षा को यूपीएससी के तर्ज पर एक सरकारी संस्था द्वारा नियत समय पर,मानक स्तर पर परीक्षा आयोजित करने तथा चयन प्रक्रिया पूरी कर नियुक्ति पत्र वितरित करने के प्रति जिम्मेदार बनाया जाए। इस पूरी भर्ती प्रक्रिया का निर्धारण के लिए वार्षिक कैलेंडर भी जारी किया जाए जिसके अनुसार सारी प्रक्रियाएं समयबद्ध तरीके से पूरी की जाएं, ऐसा न होने पर संबंधित अधिकारियों को जिम्मेदार ठहराया जाए और उनके ऊपर समुचित कार्यवाही की व्यवस्था की जाए।
इसके साथ ही साथ अभी तक की आयोजित परीक्षाओं में जिन कंपनियों द्वारा एसएससी भर्ती परीक्षा आयोजित की जा रही है उनकी सख्त और कड़ी जांच कर दोषी पाए जाने पर उचित कार्यवाही की जाए। इन धांधली और भ्रष्टाचार से अभ्यर्थियों की उम्र खत्म हो चुकी है उन्हें अतिरिक्त अवसर दिया जाए। उपयुक्त मांगे यदि समय से पूरी नहीं होती हैं तो इस सवाल को लेकर पूरे देश भर में छात्र-युवा आंदोलन को और व्यापक करने को मजबूर होगा।
