बुलढाणा-ब्यूरो, बुलढाणा (महाराष्ट्र), NIT;
पुणे जिला के भिमा कोरेगाव में 1 जनवरी को आंबेडकरी जनता की तरफ से “शौर्य दिवस” मनाया जाता है। इस उत्सव के लिए पूरे देश से लाखों की संख्या में अनुयायी भिमा कोरेगाव पहुंचे थे, जिसके बाद कुछ असामाजिक तत्वों ने इन अनुयायियों के वाहनों की तोड़फोड़ कर उसे आग के हवाले कर दिया था, तत्पश्चात इस घटना के बाद में पूरे महाराष्ट्र के हालात बिगड़ गए और राज्य के कई शहरों में आज तोड़फोड़ व आगजनी की घटना घटी।
आज सुबह बुलढाणा में निषाद रैली का आयोजन किया गया था। बुलढाणा में दो बसों की के शीशे तोड़े गए जबकि कुछ दुकान और एक अस्पताल की तोड़फोड़ की गई। बुलढाणा ज़िला के देवलगांव राजा में घटना का निषेध कर पुतला फूंका गया और एक बस के कांच फोड़े गए। इसी प्रकार खामगांव परिक्षेत्र सहित लोणार व मेहकर में भी एक-एक बस के शीशे तोड़े गए।
भीमा कोरेगांव में 1 जनवरी की घटना के बाद कल शाम से ही राज्य की स्थिति तनावपूर्ण बनी हुई थी। औरंगाबाद में कल शाम को ही पत्थरबाजी की गई थी। आज सुबह बुलढाणा सहित औरंगाबाद, अकोला, पुणे, अहेमदनगर, धुले, परभणी,यवतमाल, मुंबई, नई मुंबई सहित अन्य कई स्थानों पर भी प्रदर्शन कर रास्ता रोको सहित तोड़फोड़ की घटना को अंजाम दिया गया। कई स्थान पर प्रदर्शन शांति से किया गया तो कहीं हिंसा की घटना भी घटी है।
न्यायालीन जांच होगी: मुख्यमंत्री
भीमा-कोरेगांव में घटी हिंसक घटना का असर आज पुरे राज्य में देखने को मिला। राज्य की बिगड़ती स्थिति व कानून व्यवस्था को देखते हुए गंभीर रूप से संज्ञान लेते हुए मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने आज आधिकारिक रूप से घोषणा करते हुए कहा कि, भीमा कोरेगांव की घटना की न्यायालीन जांच की जाएगी तथा घटना में मरने वाले के परिवार को 10 लाख रुपए की आर्थिक मदद व मृत्य मामले की सीआईडी जांच की जाएगी तथा ये भी आह्वान किया कि अफवाह पर ध्यान ना दें और सोशल मिडिया पर अफवाह फैलानेवालो पर कार्रवाई की जाएगी।
भिड़े, एकबोटे पर अपराध दर्ज
पुणे के पिंपरी चिंचवड थाने में आज पुलिस ने भीमा कोरेगांव में भड़की हिंसा का ज़िम्मेदार मानते हुए संभाजी भिडे (भिडे गुरूजी) और मिलिंद एकबोटे पर एट्रासिटी, जातीय हिंसाचार और खून का अपराध दर्ज किया है। मामले की जांच पुलिस क्र रही है।
