जनपद कार्यालयों में पेयजल और शौचालय व्यवस्था ठप, कर्मचारी बोले: स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ बंद हो | New India Times

शमसुद्दोहा, ब्यूरो चीफ, गोरखपुर (यूपी), NIT:

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27 जुलाई को राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद गोरखपुर के जनपद अध्यक्ष रूपेश कुमार श्रीवास्तव व महामंत्री मदन मुरारी शुक्ल के नेतृत्व में अनूप श्रीवास्तव राजेश मिश्रा ई०सौरभ श्रीवास्तव इजहार अली मुखदेव, रामधनी पासवान एम॰पी॰ मौर्या, निसार अहमद आदि कर्मचारियों का प्रतिनिधिमंडल लोक निर्माण विभाग के सभी खण्डों में जाकर पेय जल व्यवस्था का निरीक्षण किया तो पाया कि अधिकांश स्थानों पर या तो आरो व वाटर कुलर लगा नहीं है और जहां लगा है वहां सर्विसिंग के अभाव में शुद्ध पानी सप्लाई नहीं दे रहा है जिससे आए दिन कर्मचारी बीमार पड़ रहे हैं प्रतिनिधि मंडल ने यह तय किया कि इसको लेकर के आगामी दिनों में जिलाधिकारी महोदय से मिलकर जनपद के सभी कार्यालय में शुद्ध पेय जल एवं शौचालयों की साफ सफाई की व्यवस्था करने हेतु एक ज्ञापन  सौंपा जाएगा नेतागण ने बताया कि यही हाल विकास भवन सहित अन्य विभागों की भी है। इसके अतिरिक्त सभी कार्यालयों के महिलाओं/पुरुषों के गंदे वॉशरूम एवं खराब पड़े वाटर कूलर की समस्या, पानी टंकियों का समय पर साफ सफाई नहीं होना एक बहुत बड़ी समस्या है जिससे सरकारी कर्मचारी जूझ रहा है l

अध्यक्ष रूपेश ने कहा कि एक ऐसा मुद्दा है जो हमारे स्वास्थ्य और कल्याण से सीधे तौर पर जुड़ा हुआ है। हम सभी जानते हैं कि पानी जीवन के लिए कितना आवश्यक है। लेकिन, क्या हम सभी को स्वच्छ और सुरक्षित पेयजल मिल पा रहा है  इस असहनीय गर्मी में हमारे सरकारी कर्मचारियों को शुद्ध ठण्डा पानी भी नसीब नहीं हो पा रहा है। गंदा पानी न केवल कर्मचरियों के बीमारियों का कारण बनता है, बल्कि हमारे विकास में भी बाधा डालता है।सरकारी विभागों में गंदा पीने का पानी एक गंभीर समस्या है, जिससे लोगों के स्वास्थ्य पर नकारात्मक प्रभाव पड़ता है। यह समस्या कई कारणों से होती है, जैसे कि दूषित जल स्रोत, अपर्याप्त जल उपचार सुविधाएं , जल वितरण प्रणालियों में लीकेज और वाटर कूलर का देख रेख समय से ना होना  गंदा पानी पीने से हमारे साथी कर्मचारियों को टाइफाइड, पेचिश जैसी बीमारियां हो रही हैं, और इसके दीर्घकालिक प्रभाव भी हो सकते हैं, जैसे कि कैंसर और प्रजनन संबंधी समस्याएं हो सकती हैं।

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