रहीम शेरानी हिन्दुस्तानी, ब्यूरो चीफ, झाबुआ (मप्र), NIT:

झाबुआ जिले में कलेक्टर नेहा मीना की पहल पर महिलाओं की भागीदारी से पर्यावरण संरक्षण एवं वृक्षारोपण को बढ़ावा देने के उद्देश्य से “मातृधरा अभियान (नारी शक्ति से प्रकृति को शक्ति)” प्रारम्भ हुआ है। पर्यावरण संरक्षण के प्रति जनजागरूकता बढ़ाने एवं समाज को प्रकृति के प्रति संवेदनशील बनाने के उद्देश्य से मातृशक्ति द्वारा निरंतर नवाचार किए जा रहे हैं। इसी क्रम में “मातृधरा अभियान” के अंतर्गत श्री परशुरामेश्वर रामायण मंडल, मेघनगर नाका की महिलाओं ने एक अभिनव पहल करते हुए मंदिर प्रांगण में पर्यावरणीय भजन संध्या का आयोजन किया। भजन संध्या में प्रस्तुत किए गए भजनों की विशेषता यह थी कि वे सभी पर्यावरण, जल-संरक्षण, स्वच्छता, वृक्षारोपण जैसे विषयों पर केंद्रित थे। महिलाओं ने पारंपरिक स्वरूप में इन भजनों की प्रस्तुति दी, जिसमें भीली गीतों की मिठास के साथ-साथ पर्यावरणीय संदेश भी समाहित था।

इन भजनों ने उपस्थित जनसमूह को भावनात्मक रूप से जोड़ते हुए प्रकृति के प्रति कर्तव्यबोध की प्रेरणा दी।कार्यक्रम में बड़ी संख्या में महिला समूहों की सदस्याएं, युवा, बच्चे एवं वरिष्ठजन उपस्थित रहे। आयोजन के अंत में सभी उपस्थितों ने पर्यावरण की रक्षा, स्वच्छता बनाए रखने, पेड़ लगाने एवं जल बचाने की शपथ ली। इस मौके पर महिलाओं ने स्वनिर्मित पोस्टर एवं नारों के माध्यम से भी संदेशों का प्रसार किया।रामायण मण्डल की महिलाओं ने कहा कि इस तरह की गतिविधियाँ न केवल समाज में जागरूकता लाती हैं, बल्कि महिला नेतृत्व को भी सशक्त बनाती हैं। उन्होंने आशा जताई कि यह अभियान और भी क्षेत्रों तक पहुंचेगा और अधिक से अधिक महिलाएं इससे जुड़ेंगी।
कलेक्टर नेहा मीना ने बताया कि मातृधरा अभियान का उद्देश्य महिलाओं को पर्यावरण संरक्षण की दिशा में एकजुट कर उन्हें सक्रिय भूमिका में लाना है। जब नारीशक्ति जागरूक होकर प्रकृति के लिए आगे बढ़ती है, तो सामाजिक परिवर्तन की एक नई ऊर्जा जन्म लेती है। इस अभिनव कार्यक्रम ने यह प्रमाणित कर दिया कि महिलाएं पर्यावरण संरक्षण जैसे गंभीर विषयों को अपनी रचनात्मकता और सांस्कृतिक माध्यमों से जन-जन तक प्रभावी रूप से पहुंचा सकती हैं। यह आयोजन एक प्रेरणादायक उदाहरण है, जो समाज में सकारात्मक बदलाव की दिशा में एक सशक्त कदम है।
