नरेन्द्र कुमार, ब्यूरो चीफ़, जलगांव (महाराष्ट्र), NIT:

महाराष्ट्र के जलगांव में साहूकार से परेशान नाबालिक बच्चे के आत्महत्या का एक ऐसा मामला सामने आया है जो पुलिस की खामोशी के कारण उलझ सा गया है। मृतक पीड़ित महेश के पिता अनील गोलारे ने थाने में दर्ज तहरीर में लिखा है कि पहुर कसबे ब्लॉक जामनेर निवासी मुकेश भिकारी जाधव द्वारा किए गए मानसिक छल और अत्याचार से त्रस्त हो कर उनके बेटे महेश ने आत्महत्या कर ली। महेश ने मुकेश से पांच हजार रुपए उधार लिए थे जिन्हें वसूलने के लिए मुकेश की ओर से महेश का अपहरण करने तक का रास्ता अपनाया गया। पुलिस ने BNS 115(2), 107 तहत मुकेश को जैसे हि आरोपी बनाया वैसे मुकेश फरार होने में कामयाब रहा। हमने मृतक के पिता द्वारा पुलिस स्टेशन में कलमबद्ध करवाई गई शिकायत की कॉपी को खबर में प्रकाशित किया है।

थाने में शिकायत दर्ज कराने के लिए पीड़ित परिवार को एस पी तक जाना पड़ा। मुकेश जाधव पहुर में पैसों के दम पर फलफूल रहे अवैध धंधों का सरगना बताया जा रहा है। इस केस में पहूर पुलिस की भूमिका को लेकर कई सवाल उठाए जा रहे है। महाराष्ट्र में कानून व्यवस्था दिन प्रतिदिन बिगड़ती जा रही है। 2014-19 गृहमंत्री रहते देवेन्द्र फडणवीस ने जो निजाम कायम किया था वो 2019 के बाद बेमेल विचारधाराओं को तोड़-जोड़कर बनाई गई अप्राकृतिक सरकार में पूरी तरह से ध्वस्त हो कर मुख्य पार्टी बीजेपी के लिए सत्ता सर्वोपरी बन गई है।
