अबरार अहमद खान, भोपाल, NIT;
प्रदेश भर में अपनी सेवाएं दे रहे अतिथि शिक्षक राजधानी भोपाल के शाहजहांनी पार्क में अपनी मांगों को लेकर धरना प्रदर्शन कर रहे हैं। उनका कहना है कि पिछले छह माह से अतिथि शिक्षकों को मिलने वाला मानदेय का भुगतान नहीं हुआ है, जिसके चलते प्रदेश के अतिथि शिक्षकों की हालत खराब हो गई है। इस समस्या को लेकर मध्यप्रदेश शिक्षक संगठन ने कई बार प्रदर्शन किया, लेकिन हर बार दिलासा ही दिया गया। अतिथि शिक्षकों का कहना है कि उन्हें नियमित शिक्षक और अध्यापकों के बराबर काम करना पड़ता है इसलिए उन्हें अध्यापकों के सामान वेतन दिया जाये। अध्यापकों को 25 हजार रुपए वेतन मिल रहा है जब कि अतिथि शिक्षकों को मानदेय के रूप में 24 सौ रुपए दिए जाते हैं।
मप्र अतिथि शिक्षक संगठन समिति के पदाधिकारियों का कहना है कि लगभग 15 वर्षों से सरकार द्वारा सिर्फ दिलासा ही दिया गया है। लेकिन इस बार लड़ाई आर-पार की होगी। अतिथि शिक्षक संघ के सत्येन्द्र नागर ने बताया कि सरकार हमारी मांगों की ओर ध्यान नहीं दे रही। मप्र अतिथि शिक्षक संगठन समिति की ओर से अतिथि शिक्षकों कर्मियों के नियमतीकरण की मांगों को लेकर अतिथि ने मुख्यमंत्री शिवराज सिंह के खिलाफ नींद उडाओ आंदोलन शुरू कर दिया है। अगर सरकार हमारी मांगों को दो दिन में पूरा नहीं करेगी तो जल सत्याग्रह करेंगे। इस पर भी बात नहीं बनीं तो जल समाधि ले लेंगे।
