जमशेद आलम, ब्यूरो चीफ, भोपाल (मप्र), NIT:

बुलडोजर से पहले पहुंची मौत… जिस मकान को तोड़ने जा रहे थे, उसी में दबकर युवक की मौत, भोपाल के टी,टी ,नगर क्षेत्र में दबे हुए युवक को एसडीआरएफ ने निकाला, लेकिन कुछ देर बाद थम गईं युवक की सांसें टीटी नगर इलाके में बुधवार दोपहर बड़ा हादसा हो गया। दशहरा मैदान के पास पुराने जर्जर क्वार्टर का एक जर्जर सरकारी मकान अचानक
भरभराकर गिर गया। मलबे में दबकर युवक अमित की मौत
हो गई। बताया जा रहा है कि अमित मानसिक बीमार था और कई वर्षों से इसी जर्जर इमारत में रह रहा था। हैरानी की बात यह है कि बीते एक सप्ताह से पीडब्ल्यूडी इसी इलाके के खतरनाक मकानों को गिराने की कार्रवाई कर रहा था। लगभग एक दर्जन से ज्यादा भवन गिराए जा चुके थे। टी,टी, नगर एसडीएम अर्चना शर्मा ने बताया कि यह मकान भी सूची में शामिल था लेकिन, जब तक बुलडोजर पहुंचता, तब तक सांसे थम चुकी थी मौत पहुंच चुकी थी।
हादसे के बाद एसडीआरएफ ने रेस्क्यू कर अमित को मलबे से निकाला। लेकिन बाहर निकाले जाने तक उसकी सांसें थम चुकी थी। घटना के बाद प्रशासन ने आनन-फानन में चार और जर्जर भवन तोड़े। हादसे के बाद पूरे इलाके का निरीक्षण किया गया। अब भी यहां एक दर्जन से अधिक ज्यादा भवन हैं। अब प्रशासन, भोपाल नगर निगम और अन्य विभाग ऐसे भवनों को गिराएंगे। शहर के 1200 भवन जर्जर घोषित, इनमें से 800 अति जर्जर मकान के मलबे में दबा युवक 2023 में इंदौर बावड़ी हादसे के बाद जागा था खाली कराने के नोटिस, लेकिन विस्थापन की प्रक्रिया बड़ी बाधा
भोपाल में नगर निगम ने अब तक 1200 से ज्यादा भवनों को जर्जर घोषित किया है, जिनमें भोपाल के ऐशबाग जनता क्वार्टर में लगभग 600 मकान एवं 800 अति-जर्जर हैं।
इन सभी को खाली करने के लिए नोटिस जारी किए जा चुके हैं एवं बड़े-बड़े नगर निगम के बोर्ड लगा दिए गए हैं यह जर्जर हालत में है निगम का कहना है कि वे जबरन भवन खाली नहीं करा सकते, इसके लिए जिला प्रशासन को विस्थापन की व्यवस्था करनी होती है। जब तक यह प्रक्रिया पूरी नहीं होती, कार्रवाई रुकी रहती है। यही वजह है कि हर साल नोटिस जारी होते हैं, सर्वे होते हैं, लेकिन जमीन पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं होती- और नतीजा होता है जानलेवा हादसा। फिर भी लोग यहीं रह रहे… पुराने भोपाल के जुमेराती, पीरगेट, बुधवारा, चौक, इतवारा, जहांगीराबाद, इमामी गेट एवं ऐशबाग जैसे क्षेत्रों में कई बार नोटिस जारी किए गए लेकिन वैकल्पिक व्यवस्था अभी तक सरकार ने नहीं बताया लोग जाए तो जाए कहां इनकी वैकल्पिक व्यवस्था हो जाए रहने खाने सोने का इंतजाम हो जाए तो लोग आसानी से खाली करने में सहयोग प्रदान करेंगे। प्रशासन नोटिस देकर अपना पल्ला झाड़ लेता है हदसे तो होते रहते हैं।
