मोहम्मद सिराज, ब्यूरो चीफ, पांढुर्णा (मप्र), NIT:

पांढुर्णा शहर के मध्य एसडीएम कार्यालय के समीप स्थित विरांगना रानी दुर्गावती परिसर जवाहर पार्क पर विरांगना रानी दुर्गावती को श्रद्धांजलि अर्पित कर स्मरण किया गया।
श्रद्धांजलि के इस कार्यक्रम में शिक्षक किष्नु कवडे़ती ने दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम की शुरूआत की भाजपा नगर मंडल अध्यक्ष प्रकाश बंटी छांगाणी और कार्यकर्ताओं द्वारा विरांगना रानी दुर्गावती के छायाचित्र की पूजा अर्चना माल्यार्पण कर श्रद्धांजलि अर्पित की गई, पार्षद दुर्गेश उईके ने बताया की भारत की महान विरांगना रानी दुर्गावती का जन्म 5 अक्टूबर 1524 को हुआ था, दुर्गाष्टमी पर जन्म के कारण ही रानी के माता-पिता ने नाम दुर्गावती रखा गया,नाम के अनुरूप ही वह तेज,साहस, शोर्य, पराक्रम, और शस्त्र विद्या में निपुणता के कारण रानी की प्रसिद्धि देश के अनेकों राज्यों में गुंजायमान थी, रानी का विवाह गढ़ मंडला के राजा संग्रामशाह के सुपुत्र दलपतशाह से हुआ।
राजा दलपतशाह की मृत्यु के बाद मध्यप्रदेश गोंडवाना राज्य में रानी ने 16 वर्ष कुशल शासन किया मुगल आक्रमणकारीयों को अनेकों बार युद्ध में हराया और 24 जून 1564 को रानी दुर्गावती मातृभूमि, स्वाभिमान और समाज की रक्षा करते हुए अपने प्राणों को न्यौछावर कर दिया। विरांगना रानी दुर्गावती ने भारत के प्रत्येक नागरिकों को संगठित रहने और शिक्षा, स्वास्थ्य,कृषि,विज्ञान, समानता, समरसता की अलख जगाई थी,,आज हम सभी को विरांगना रानी दुर्गावती से प्रेरणा लेके उनके बताए पथ चिन्हो पर चलने की आवश्यकता है, श्रद्धांजलि के इस कार्यक्रम में शिक्षक किष्नु कवडे़ती, नगर मंडल अध्यक्ष प्रकाश बंटी छांगाणी, रानी दुर्गावती उत्सव समिति के अध्यक्ष विनोद इवनाती, पार्षद लोचन खवसे, दुर्गेश उईके, युवा कार्यकर्ता पंकज नाईक,भूपेंद्र करेरा,अनिल उईके, सोमेश्वर लोनकर, सुखीराम वरखडे़, भाजपा सक्रिय कार्यकर्ता हंसराज कड़वे, आर्यानंद उईके आदि कार्यकर्ता गणमान्य नागरिक मौजूद रहें
