"आपात" का काला दिवस मनाने को शिवसेना का समर्थन है ? : 11 साल के बाद लगा चौपाल | New India Times

नरेन्द्र कुमार, ब्यूरो चीफ़, जलगांव (महाराष्ट्र), NIT:

"आपात" का काला दिवस मनाने को शिवसेना का समर्थन है ? : 11 साल के बाद लगा चौपाल | New India Times

2025 में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ को 100 साल पूरे हो रहे हैं और नरेन्द्र मोदी सरकार को 11 साल। इस मौके पर बीजेपी ने देश भर में चौपाल सभाएं कर जनता के बीच सरकार की उपलब्धियां रखी। इसी साल आपातकाल की घटना की उम्र 50 साल हो गई है। बीजेपी इसे काले दिवस के रूप मे मनाती है। ब्लैक डे की पूर्वसंध्या पर महाराष्ट्र के बीजेपी दफ्तरों में पत्रकार संवाद कार्यक्रमों की भरमार रही। नेता गिरीश महाजन के कुणाल सराय में पार्टी के पूर्व विभाग जिला प्रमुख चंद्रकांत बाविस्कर ने आपातकाल के दौर को भूरे भूरे तरीके से याद किया। गोविंद अग्रवाल, शिवाजी सोनार ने व्यक्तिगत अनुभव शेयर किए। New India Times को बीजेपी के किसी भी पदाधिकारी का आधिकारिक बयान उपलब्ध नहीं हो सका है। विदित हो कि बीजेपी 25 जून को समूचे देश में ब्लैक डे मना रही है। NDA गठबंधन के तमाम सहयोगी दल इसमे शामिल है ? शिवसेना प्रमुख बालासाहब ठाकरे ने इंदिरा गांधी के आपात काल के फैसले का खुलकर समर्थन किया था।

आधुनिक भारत के इतिहास में दिवंगत प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी को खलनायिका के रोल में दिखाने के लिए अलग अलग विचारधारा वाला बुद्धिजीवी वर्ग आपातकाल को एक अप्रिय घटना के तौर पर पेश करता आया है। नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने एक साक्षात्कार में आपातकाल को गलत ठहराया है। आपातकाल के पक्ष में पूर्व सांसद कुमार केतकर और उस समय जेल जा चुके सीनियर पत्रकार सुरेश द्वादशीवार, कुमार सप्तर्षि के संतुलित भूमिका स्पष्ट करने वाले दर्जनों भाषण आप पाठक Youtube पर सुन सकते हैं। भारत पाकिस्तान के बीच जारी जंग में सीजफायर करने वाला अमरीका ईरान इस्राइल जंग में कूदकर ईरान से पीटने के बाद अब ईरान से हि सीजफायर की गुहार लगा रहा है। रशिया चीन की तेजी से बदल रही कूटनीति में विश्वगुरु भारत को किस के साथ खड़ा होना चाहिए। इसे मोदी सरकार तय नहीं कर पा रही है। इस नाजुक स्थिति में भारत की आवाम इंदिरा गांधी की स्वाभिमानी विदेश नीति की कमी को महसूस कर रही है।

By nit

Exit mobile version