मोहम्मद सिराज, ब्यूरो चीफ, पांढुर्णा (मप्र), NIT:

राष्ट्रीय मुस्लिम मोर्चा के द्वारा आज 14 जून 2025 को देशभर में शांतिपूर्ण राष्ट्रव्यापी आंदोलन के तहत महामहिम राष्ट्रपति के नाम का ज्ञापन कलेक्टर को सौंपा गया। ज्ञापन में निम्नलिखित गंभीर मुद्दों पर सरकार और प्रशासन का ध्यान आकर्षित किया गया। ज्ञापन में उल्लेख किया की देशभर में बढ़ती मॉबलिंचिंग की घटनाएं मुसलमानों को निशाना बनाकर की जा रही। हिंसात्मक घटनाएं कानून व्यवस्था के लिए अत्यंत चिंताजनक हैं।
वक्फ संशोधन विधेयक 2025 विधेयक देश के अल्पसंख्यकों की धार्मिक एवं संपत्ति संबंधी स्वतंत्रता पर सीधा हमला है। इससे समुदाय की धार्मिक संस्थाओं पर राज्य का अनावश्यक हस्तक्षेप बढ़ेगा। जिसे रद्द करने की गुहार लगाई गई। सुप्रीम कोर्ट के स्पष्ट आदेशों के बावजूद मदरसों और मस्जिदों पर की जा रही बुलडोजर कार्रवाई यह न केवल न्यायपालिका की अवमानना है। बल्कि धार्मिक स्वतंत्रता पर आघात है। देश के संविधान में प्रत्येक नागरिक को धार्मिक स्वतंत्रता और शिक्षा की स्वतंत्रता का अधिकार प्राप्त है।
इन सभी गंभीर मुद्दों को ध्यान में रखते हुए राष्ट्रीय मुस्लिम मोर्चा आपके माध्यम से राज्य और केंद्र सरकार से यह मांग किया की मॉबलिंचिंग की घटनाओं पर तत्काल प्रभाव से सख्त कानून लागू कर कठोर कार्रवाई की जाए। तथा वक्फ संशोधन विधेयक 2025 को अविलंब वापस लिया जाए। इस के साथ ही सुप्रीम कोर्ट के आदेशों का पालन करते हुए मदरसों और मस्जिदों पर की जा रही बुलडोजर कार्रवाई को तत्काल रोका जाए और दोषी अधिकारियों पर कार्रवाई की जाए। उपरोक्त ज्ञापन सौंपते समय अल्ताफ पटेल, मोहम्मद सादिक शेख, आसिफ वकील साहब, मोहम्मद अहमद, डॉ. राहुल वाहने, रामसिंह उई के, बब्बू शेख फारूक शेख बाबू मोहम्मद जावेद, नासिर भाई,आजाबराव सोमकुंवर, वामन नारवारे, समील्लाह भाई आदि उपस्थित थे l
