ज़फ़र खान, अमरावती (महाराष्ट्र), NIT:
आज के इस नफरती दौर में जहां एक तरफ अपना इमान बेच कर चंद कर्मचारी अधिकारी वर्दी की गरिमा को गंदा करने में कोई कसर नहीं छोड़ते, रुपयों की लालच में इतना गिर जाते हैं कि पैसे कमाने के लिए वाहनों के अवैध हफ्ते महीने बांध लेते हैं और आंखों पर भ्रष्टाचार की पट्टी व कानों में रुपयों की मेल इतनी जमा लेते हैं कि उन्हें ना कुछ इंसानियत दिखाई देती हे और ना हींश सुनाई देती है, बस रूपया ही रूपया दिखाई देता है वहीं आज के इस नफरती और बिकाऊ दौर में ईमानदार अधिकारी कर्मचारी हर डिपार्टमेंट में दिख ही जाते हैं।
मिली जानकारी के अनुसार अमरावती प्रादेशिक परिवहन कार्यालय के अधिकारी श्री सागर ठोसरे, ऋषिकेश पाटिल, वाहन चालक मोहम्मद अतहर अपनी फिरते पथक के साथ जांच के लिए रवाना हुए जो कि बेलोरा एयरपोर्ट अकोला रोड अमरावती पर अपना कार्य कर ही रहे थे कि अचानक एक ऑटो चालक ने बताया कि थोड़ी दूरी पर एक अपघात हुआ है जिसमें दो लोग गंभीर जख्मी हैं साथ ही एक छोटा बालक भी दिखाई दे रहा है। ऑटो चालक की यह बात सुनते ही फिरते पथक ने तुरंत इंसानियत दिखाई व घटना स्थल पर पहुंचे, घटना स्थल पर देखा तो दो पुरुष गंभीर जख्मी और एक छोटा बालक दिखाई दिया, जिसे देख प्रादेशिक परिवहन कार्यालय के अधिकारी कर्मचारियों ने तुरंत एम्बुलेंस को कॉल किया, कॉल करने पर एम्बुलेंस द्वारा बताया गया कि समय ज्यादा लग सकता है। यह सुनते ही अधिकारी सागर ठोसरे, श्री ऋषिकेश पाटिल, वाहन चालक ने तुरंत गंभीर जख्मियों को अपनी प्रादेशिक परिवहन कार्यालय के वाहन में डाल कर अमरावती इरविंन अस्पताल में भर्ती करवाया साथ ही बालक को अपने पास संभाले रखा व गंभीर व्यक्तियों के पास मोबाइल से उनके रिश्तेदारों को संपर्क किया। संपर्क करते ही बालक के मां से बात की गई। बालक की मां से बात करते समय पता चला कि बालक को टाइफाइड था और उसे उपचार के लिए कारंजा से अमरावती की ओर ले जा रहे थे और रास्ते में यह घटना का सुनते ही मां का दिल थम से बैठ गया और बातों बातों में ही वह रोने व बिलबिलाने लगी और हर बार यही पूछती रही मेरा लाल कैसा है मेरा बच्चा कैसा है।
वाहन चालक मोहम्मद अतहर ने उस बालक की मां से काफी समझदारी से बात की ओर कहा कि आप के कोई सम्बंधित अमरावती में हो तो उनका कोई नंबर या पता दो जिससे हम संपर्क कर सकें तब बालक की मां ने उन्हें अमरावती के कुछ रिश्तेदरों का नंबर व पता दिया जिस कारण उन रिश्तेदारों से संपर्क कर उन्हें इरविंन अस्पताल बुलवाकर बालक को सौंपा गया और प्रादेशिक परिवहन कार्यालय के अधिकारी श्री.सागर ठोसरे,श्री.ऋषिकेश पाटिल सहाय्यक मोटार वाहन निरिक्षक,वाहन चालक श्री मोहम्मद अतहर व श्री अमित पाल अपने कार्य पर लौट गए।
बता दें कि प्रादेशिक परिवहन कार्यालय के अधिकारी श्री. सागर ठोसरे साहब और मोहम्मद अतहर वाहन चालक के कार्य हर बार काफी अलग ही दिखाई देते हैं जो हर समय किसी न किसी गरीब बेबस लोगों की मदद करते नजर आ ही जाते हैं और कभी कोई चर्चा का सबब नहीं बनते, कोई दिखावा नहीं करते।
गरीब बच्चों को ईद हो या दीपावली यतीम गरीबों के लिए एक बेहतर कार्य करने वाले अधिकारी कर्मचारी हैं जो स्कूली बच्चों के लिए काफी कुछ करते देखे गए हैं और कभी अपना बड़ा पन नहीं किया।
बाता दें कि वाहन चालक श्री मोहम्मद अतहर जो काफी बार चर्चाओं का सबब बनने के साथ कई बार अखबारों की सुर्खिया बटोरते देखे जा चुके हैं। इससे पहले वाहन चालक मोहम्मद अतहर अकोला में अपना फ़र्ज़ निभाते थे जो कि कई मुजरिमों को फिल्मी अंदाज में पकड़ते देखे गए हैं और कई बड़े हादसों को रोकने में कामयाबी हासिल की है।
हमें ऐसे अधिकारी कर्मचारियों पर गर्व होता है जो इंसानियत के साथ पूरी ईमानदारी से अपना फ़र्ज़ निभाते दिखाई देते हैं और ऐसे नफरती दौर में भी जनता का दिल जीत लिया करते हैं। ऐसे अधिकारी कर्मचारियों को वरिष्ठ अधिकारियों व प्रादेशिक अधिकारी, मंत्रियों द्वारा सम्मानित करना चाहिए जिससे दूसरे डिपार्टमेंट में भी अधिकारी कर्मचारियों को सीख मिले और वह भी किसी के काम आ सकें।
