अली अब्बास, ब्यूरो चीफ, मथुरा (यूपी), NIT:

मथुरा स्थित जयगुरुदेव आश्रम में चल रहे वार्षिक भण्डारा सत्संग मेला के अंतिम दिन संस्था के दो राष्ट्रीय उपदेशकों ने श्रद्धालुओं को सम्बोधित किया। बाबूराम जी ने कहा कलियुग में प्रभु ने दया करके संतों को धराधाम पर भेजा। उन्होंने आकर अपना परिचय देते हुये कहा ‘‘हम आये वहि देश से जहां तुम्हारा धाम। तुमको घर पहुंचावना एक हमारा काम।’’ मानव शरीर में रहने वाली आत्माओं। हम तुम्हें नाम यानि शब्द डोरी पकड़ाते हैं इसे पकड़ कर अपने अजर-अमर देश चली चलो। वह दयालु प्रभु धरती पर तोे स्वयं आता नहीं लेकिन अपने देश से संतों महापुरुषों को भेजता है। उनमें और प्रभु में कोई अन्तर नहीं। वह मालिक परमात्मा सबके अन्दर विराजमान है।
सतीश चन्द्र जी ने अपने सम्बोधन में कहा अच्छा समय लाने के लिये, अच्छा समाज बनाने के लिये हिंसा और अपराध का रास्ता त्यागना पड़ेगा। जहां शिक्षा के लिये स्कूल कालेज विश्वविद्यालय खुले हुये वहीं शराब व मांसाहार का व्यापार चल रहा है। हमारे जयगुरुदेव मंदिर के बगल सलेमपुर रोड पर शराब का भारी भण्डार और आस-पास शराब की दुकानें हैं। रामराज, सतयुग लाने के लिये शराब व मांसाहार त्यागने और आंखों में मां, बहन, बेटी की पहचान लाना जरूरी है।
बाबा जयगुरुदेव जी ने अपनी भविष्यवाणियों में कह रखा है ‘‘मांस, मछली, अण्डा, दारू यदि न छोड़बा भाई। देशवा विदेशवा में होइ जाई लड़ाई। संस्थाध्यक्ष पंकज जी ने बाबा जयगुरुदेव जी के पावन वार्षिक भण्डारा सत्संग मेला के सफलतापूर्वक समापन में अपना सहयोग सद्भाव प्रदान करने के लिये सम्मानित अधिकारियों, कर्मचारियों, ब्रजवासियों, दुकानदारों, व्यापारियों, कार्यकर्ताओं का आभार व्यक्त किया। श्रद्धालु वापस अपने-अपने स्थानों के लिये जाने लगें।
