नरेन्द्र कुमार, ब्यूरो चीफ़, जलगांव (महाराष्ट्र), NIT:
महाराष्ट्र में बीते पखवाड़े से जमकर मानसूनपूर्व बारिश हो रही है। कृषि बीज खाद केमिकल कंपनियों को फायदा पहुंचाने के लिए गोदी मीडिया भरपूर मानसून होने संबंधी माकूल फर्जी खबरे चला रहा है। कुदरत इस ओर इशारा कर रही है कि इस बरस राज्य में सुखा पड़ने वाला है। देवेन्द्र फडणवीस सरकार को तत्काल प्रभाव से राज्य में चल रहे सारे के सारे सीमेंट कांक्रीट से बनने वाले प्रोजेक्ट्स रोक देने चाहिए। जलगांव जिले में अच्छी डामरी सड़कों पर सीमेंट चढ़ाकर नेता और उनके ठेकेदार भ्रष्टाचार से खूब पैसा कमा रहे हैं। महाराष्ट्र के सबसे विकसित शहर जामनेर में सबसे अधिक खर्चा जल प्रबंधन पर किया जा रहा है।
भविष्य में लड़ाकू विमानों के लैंडिंग और टेक ऑफ की क्षमता हासिल करने में लगी 2016 में बनी भव्य दिव्य फोरलेन सड़क पर नए नए प्रयोग बदस्तूर जारी है। फोरलेन के बीचोबीच जमीन के नीचे बिछी वाघूर पाइप लाइन से सरकारी विभागों को 24×7 जल कनेक्शन से जोड़ने के दौरान बार बार मेन लाइन टूट कर लाखो लीटर पानी बर्बाद हो रहा है। किसी हुशार पाटिल को सब लाइन का ठेका दिया गया है। वीडियो में आप देख सकते हैं कि किस तरह से बढ़िया काम किया जा रहा है।
बीजेपी सरकार देश में चुनाव और ऑपरेशन सिन्दूर पर संसद का विशेष सत्र नहीं चाहती मोदी जी सवालों से भागते हैं। शुक्र है कि सुप्रीम कोर्ट की मेहरबानी से दिवाली से पहले महाराष्ट्र में लोकल बॉडीस के चुनाव होने हैं। जामनेर नगर परिषद में सत्ता पक्ष के सदस्य टिकट कि फील्डिंग में है। एकमुश्त सेक्युलर वोटों में सेंध लगाने के लिए मंत्री गिरीश महाजन सक्रिय हो चुके हैं। विपक्ष बिना मेहनत सत्ता में आने की उम्मीद कर रहा है प्रयास शून्य है।
