फैज़ान खान, गुरुग्राम/नई दिल्ली, NIT:

एक सप्ताह पहले चोरी आरोप में सदर थाना पुलिस द्वारा गिरफ्तार किए गए 25 टन लोहा सरिया चोरी के आरोपी यूपी के अमरोहा निवासी संजीव कुमार पुत्र जयपाल को एसीजेएम मनीष कुमार की अदालत ने 14 दिन को न्यायिक हिरासत में भोंडसी जेल भेजा था। मामले में अन्य 2 आरोपियों की जमानत याचिका पंजाब एंड हरियाणा हाइकोर्ट चंडीगढ़ द्वारा खारिज की जा चुकी है। उसके बावजूद आरोपी संजीव की 14 दिवसीय न्यायिक हिरासत अवधि पूरी होने से पहले विद्वान अधिवक्तागण निशा तंवर और जितेंद्र कौशिक ने आरोपी की जमानत मंजूर कराकर सभी को सकते में डाल दिया है। जिला न्यायालय गुरुग्राम में एसीजेएम मनीष कुमार की अदालत से संजीव को जमानत पर रिहा करने का आदेश दिया।
बताया जा रहा है कि अदालत ने जांच अधिकारी एएसआई राजू को कड़ी फटकार लगाते हुए कहा कि जिस व्यक्ति का कोई आपराधिक इतिहास नहीं है, जो एक शरीफ व्यक्ति की तरफ शिकायतकर्ता के पास पिछले से कार्यरत था। उसके बावजूद एल एंड टी कंपनी के मालिक शिकायतकर्ता सुप्रीत एसएचईजे एमएडीवाई ने संजीव को अपने लालच और स्वार्थ में फर्जी केस में फंसाया है। अदालत ने जांच अधिकारी से पूछा कि आपने आरोपी से क्या बरामद किया। इसका जवाब जांच अधिकारी राजू नहीं दे पाए और बगले झांकने लगे।
अधिवक्तागण निशा तंवर और जितेंद्र कौशिक ने बहस के दौरान बताया कि पुलिस की कार्यप्रणाली एक बेकसूर को जबरन झूठे मामले में फंसाए जाने की रही है। आरोपी एक इज्जतदार और शिक्षित व्यक्ति है। उन्होंने बहस में कहा कि आरोपी पेशे से सिविल इंजीनियर है जो उक्त कंपनी में 7 साल से काम कर रहा था। विद्वान अधिवक्ताओं की बहस सुनने के बाद अदालत ने अपना फैसला शनिवार के लिए सुरक्षित रख लिया था। एसीजेएम मनीष कुमार की अदालत ने आरोपी की जमानत याचिका को स्वीकार करने हुए 50 हजार रूपये के बेल बॉन्ड पर आरोपी को रिहा करने का आदेश सुनाया।
