सीके ग्रीन कालोनी में साधना, सेवा और सत्संग के साथ आज मंगलवार को मनाया जाएगा आर्ट ऑफ लिविंग के संस्थापक का गुरुजन्म उत्सव | New India Times

मेहलक़ा इक़बाल अंसारी, ब्यूरो चीफ, बुरहानपुर (मप्र), NIT:

सीके ग्रीन कालोनी में साधना, सेवा और सत्संग के साथ आज मंगलवार को मनाया जाएगा आर्ट ऑफ लिविंग के संस्थापक का गुरुजन्म उत्सव | New India Times

आध्यात्मिक संस्था आर्ट ऑफ़ लिविंग के संस्थापक सदगुरु पंडित श्री रविशंकर जी का आज 70वाँ जन्म दिवस है। भारतवर्ष में प्रत्येक शहर और केंद्र पर अपने अपने तरीके से गुरु जन्म उत्सव के निमित्त विभिन्न आयोजन संपन्न होते हैं। उसी श्रृंखला में नगर में आज 13 मई मंगलवार को संस्था से जुड़े भक्तजन और साधकों के द्वारा श्री श्री रविशंकर जी का जन्मोत्सव साधना सेवा और सत्संग के साथ मनाया जाएगा। उक्त आशय की जानकारी देते हुए संस्था के केंद्र प्रमुख, प्रशिक्षक एवं सीनियर एडवोकेट संतोष देवताले एवं प्रशिक्षिका स्नेहा मूंगी ने बताया कि गुरुदेव के जन्मोत्सव के निमित्त सुबह सभी साधक सुंदरनगर में 5 पांडव मंदिर के पीछे स्थित श्रीश्री ज्ञान मंदिर सभा कक्ष में एकत्रित होकर गुरु पूजा चैटिंग करेंगे और उसके बाद सेवा प्रोजेक्ट के अंतर्गत साधना हॉल, टेरिस और आस पास के क्षेत्र की सभी साधकों द्वारा सफाई की जाएगी और वृक्षारोपण किया जाएगा। इसके बाद सभी संस्था सदस्य सामूहिक रूप से नगर की गरीब बस्तियों में पहुंचकर ज़रूरतमंद लोगों के बीच पहनने योग्य कपड़ों का वितरण करेंगे।

प्रशिक्षक रविन्द्र पंडित ने बताया कि संध्या कालीन सत्र में रात्रि 9 बजे से बहादरपुर रोड पर स्थित सीके ग्रीन आवासीय कालोनी मे संस्था सदस्य ममता मुंशी के निवासीय  परिसर में गुरुभक्ति का महासत्संग होगा,जिसमें व्यक्ति विकास केंद्र के साधक विजय दुम्बानी, राजेंद्र पंवार दीपादी पंडित, राजरानी मेहता, शेखर बोहरा, दीपक अदमने, ईश्वरीय आराधना और गुरु भक्ति पर आधारित मनमोहक भजनो की प्रस्तुति देंगे। सत्संग के अंतर्गत साधकों को गुरुवाणी में ध्यान क्रिया भी कराई जाएगी । सत्संग आयोजन के अग्रणी सदस्य दिनेश पारीक, शैलेन्द्र खेरनार, राजेश मुंशी ने बताया कि आज के सत्संग में प्रसादी वितरण हेतु सभी संस्था के सदस्य अपनेअपने अपने घर से हल्वा प्रसादी लेकर आएंगे,जो गुरु चरणों में अर्पित करने के उपरांत उसे सभी उपस्थित भक्तों के बीच वितरित किया जाएगा।

संस्था प्रमुख एडवोकेट संतोष देवताले ने बताया कि विगत 17 वर्षों से हर वर्ष गुरु जन्मोत्सव को महासत्संग के रूप में आयोजित किया जाता है और 13 मई जन्माष्टमी, तथा शिवरात्रि के अतिरिक्त पूरे वर्ष भर केवल हर गुरुवार को ही सत्संग होता है। विशेष उल्लेखनीय बात यह है कि बैंगलोर आश्रम के बाद बुरहानपुर एक मात्र ऐसा आर्ट ऑफ़ लिविंग का केंद्र है जहाँ 17 वर्षों में प्रति सप्ताह सत्संग परम्परा खंडित नहीं हुई है। वर्तमान मे 10,000 से अधिक महिला पुरुष साधक इस संस्था से जुड़े हुए हैं। संस्था के संजय मुंगी, धर्मेन्द्र जड़िया,सत्य नारायण लड्ढा, राजेन्द्र चौकसे भास्कर राव चालसे  आशिष कापड़िया,हिमांगी कपडिया ने समस्त संस्था सदस्यों और नगरवासियों से आज के इस गुरु जन्मोत्सव के विशेष साधना सेवा और सत्संग के सभी कार्यक्रम में शामिल होने का आग्रह किया है।

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