निहाल चौधरी, इटवा/सिद्धार्थ नगर (यूपी), NIT:
भारतीय जनता पार्टी ने वक्फ सुधार जनजागरण को लेकर मंगलवार की दोपहर नगर पंचायत कार्यालय इटवा पर अल्पसंख्यकों के साथ संवाद किया। अल्पसंख्यक समुदाय के लोगों को वक्फ बिल में हुए सुधार के बारे में जानकारी भी दी गई। संवाद कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि पूर्व मंत्री डा0 सतीश द्विवेदी ने किया। मंगलवार को संवाद के दौरान मुख्य अतिथि पूर्व मंत्री डा0 सतीश द्विवेदी ने कहा कि वक्फ संशोधन विधेयक कमजोर वर्ग एवं मुस्लिम महिलाओं को आर्थिक व सामाजिक रुप से मज़बूत करने में सहायक साबित होगा। वक्फ बोर्ड और उनके द्वारा नियंत्रित संपत्तियां भारत में इस्लामिक जीवन के महत्वपूर्ण अंग है उन्होंने ने कहा यूपीए सरकार द्वारा प्रस्तुत वक्फ संशोधन अधिनियम 2013 ने वक्फ बोर्ड की शक्तियों का विस्तार करके मनमाने ढंग से भूमि अधिग्रहण को सक्षम करके संपत्ति के अधिकारों को कमजोर कर दिया।
इसमें पारदर्शिता की कमी और हितधारकों की चिंताओं को नजर अंदाज करने के साथ ही बिना किसी नियम कानून के फैसले किया गया। इस अवसर पर पूर्व विधानसभा प्रत्याशी हरिशंकर सिंह, नगर पंचायत अध्यक्ष इटवा विकास जयसावाल, नगर पंचायत अध्यक्ष विस्कोहर अजय गुप्ता, ज़िला पंचायत सदस्य प्रदीप कसौधन, ज़िला मंत्री कृष्ण मिश्रा, गुलाम हुसैन, मुस्ताक अहमद, मोहम्मद इरफान, नसीम, सलीम खान, इजहार अहमद जिपंस, हाकिमुलाह, गुलाम मोहिउद्दीन, इसरारुल मुस्तफा, मौलाना अब्दुरहमान नूरी, प्रधान मारूफ चौधरी, प्रधान डा0अब्दुल हुसैन, रिजवान अहमद सिद्दीकी, प्रधान जमीरुल्ला, अब्दुर्रहीम आदि मौजूद रहे।
……..………….
लोगों का सवाल मुख्य अतिथि का संवाद
………
सवाल: वक्फ बिल पास हुआ तो मुसलमानों के जीवन में क्या होगा बदलाव? सरकार की नीयत पर भी उठ रहे सवाल
(अब्दुल मुहैमिन बिस्कोहर प्रबंधक आशिया गर्ल्स स्कूल)
…………
संवाद: पूर्व मंत्री डा० सतीश द्विवेदी
दुनिया में जितनी भी वक्फ संपत्ति है उसमें सबसे ज्यादा संपत्ति भारत में है, बावजूद इसके भारत का मुसलमान पिछड़ा और अल्पशिक्षित है। पिछड़े मुसलमानों को उनका हक दिलाने और वक्फ का सही इस्तेमाल हो इसकी व्यवस्था के लिए वक्फ संशोधन विधेयक लाया गया है, नरेंद्र मोदी सरकार इसकी चिंता कर रही है। केंद्रीय अल्पसंख्यक कार्यमंत्री किरन रिजीजू ने लोकसभा में कहा है कि 1995 में यूपीए सरकार ने वक्फ अधिनियम के जरिये इसे अन्य कानूनों से ऊपर कर दिया था, यही वजह है कि इसमें नये संशोधनों की जरूरत पड़ी। सरकार किसी भी सूरत में धार्मिक मामलों में हस्तक्षेप का इरादा नहीं रखती है और उसका इससे कोई लेना-देना भी नहीं है। बस सरकार यह चाहती है कि वक्फ बोर्ड मनमानी ना करे। लेकिन मुस्लिम समाज और सरकार के विरोधी यह कह रहे हैं कि सरकार की नीयत में खोट है जो कि गलत है।
………
सवाल: वक्फ धर्म से जुड़ा मामला है इसमें सिर्फ मुस्लिम को रखा जाये अन्य को क्यों रखा जा रहा जो धर्म के बारे में जानकार नहीं है वो क्या करेंगे। इस वक्फ की आमदनी को गरीबों व असहाय लोगों की मदद होनी चाहिए।
(मौलाना हमीदुद्दीन नदवी बिस्कोहर मदरसा मोहम्मदिया प्रबंधक)
……..
संवाद डा० सतीश द्विवेदी: वक्फ संशोधन विधेयक मुसलमानों की सामाजिक, आर्थिक और शैक्षणिक स्थिति में बड़ा परिवर्तन लेकर आएगा। पार्टी यह दावा इसलिए कर रहे हैं क्योंकि विश्व में सबसे ज्यादा वक्फ प्रोपरिटी भारत में है लाखों एकड़ जमीन और लाखों की संपत्ति है, जिनसे करोड़ों की कमाई है। सरकार वक्फ प्रोपरिटी का सही इस्तेमाल कर उनका उपयोग गरीब मुसलमानों के लिए करना चाहती है। पसमांदा मुसमानों का जीवन स्तर सुधरेगा और महिलाओं और बच्चों को फायदा मिलेगा। हालांकि वक्फ संशोधन विधेयक का विरोध करने वाले यह कह रहे हैं कि यह बिल मुसलमानों को नियंत्रित करने और उनका हक मारने के लिए लाया जा रहा है।
……..
सवाल: हम सबको इसको पढ़ने समझने की जरूरत है आप समझायें अगर फायदा हुआ तो हिमायत करेंगे वर्ना अपने अधिकारों का हनन नहीं होने देंगे।
(मौलाना अब्दुर्रहमान नूरी फैजाने मुस्तफा बलुआ प्रबंधक)
……
संवाद: मुख्य अतिथि डा0 द्विवेदी सरकार ने बिल पेश करते हुए यह स्पष्ट किया कि सरकार का उद्देश्य यह कतई नहीं है कि वह मुसलमानों के धार्मिक मामले में हस्तक्षेप करे, सरकार तो पिछड़े मुसलमानों की स्थिति सुधारने और उनके कल्याण के लिए वक्फ की संपत्ति का इस्तेमाल हो, इस नजरिए से वक्फ बिल लेकर आई है।
क्या कहते हैं प्रबुद्ध मुसलमान…………
पिछले साल जब अगस्त महीने में वक्फ बिल संसद में पेश किया गया था, तो खूब हंगामा हुआ था। उस वक्त कई प्रबुद्ध मुसलमानों से बात की थी और उनका यह मानना था कि मोदी सरकार के नीयत में खोट है और वे मुसलमानों के हित के लिए यह विधेयक लेकर नहीं आई है। धार्मिक लोगों ने यह शंका जताई थी कि सरकार वक्फ बोर्ड पर अपना नियंत्रण स्थापित करना चाहती है और हमारा यह मानना है कि वक्फ मुसलमानों का निजी और धार्मिक मसला है, जिसमें सरकार को दखल नहीं देना चाहिए। गैर मुसलमानों को भी बोर्ड में शामिल करने के वे खिलाफ थे और उनका यह तर्क था कि क्या राममंदिर के ट्रस्ट में किसी मुसलमान को जगह दी जाएगी? अगर दी जाएगी तो हम भी वक्फ बोर्ड में गैर मुसलमान को जगह देने के लिए तैयार हैं।
क्या है वक्फ बोर्ड ………….
अल्लाह के नाम पर दान की गई वस्तु, जिसका उद्देश्य परोपकार हो उसे वक्फ कहते हैं। वक्फ बोर्ड उन चीजों की निगरानी करता है जो अल्लाह के नाम पर दान की गई हो। वक्फ बोर्ड के पास असीमित अधिकार और संपत्ति हैं, जिसकी वजह से वक्फ बोर्ड हमेशा चर्चा में रहता है। वक्फ बोर्ड दान में मिली चल-अचल संपत्ति का सही इस्तेमाल हो इसकी व्यवस्था देखता है। इस्लाम के अनुसार वह इसके उपयोग भी करता है। जैसे मस्जिद बनवाना, शिक्षा की व्यवस्था करवाना और हास्पिटल, यतीम खाना, मुसाफिर खाना अन्य धार्मिक काम करवाना। लोगों ने माना कि वक्फ की संम्पत्तियों व राजनैतिक बल पर धनवान बन बैठे हैं वक्फ बोर्ड के कुछ लोग जो कि गलत है।
