सोशल मीडिया पर आपत्तिजनक पोस्ट डालने वालों के खिलाफ होगी कार्यवाही | New India Times

अबरार अहमद खान/मुकीज़ खान, भोपाल (मप्र), NIT:

सोशल मीडिया पर आपत्तिजनक पोस्ट डालने वालों की अब खैर नहीं है।पुलिस आयुक्त भोपाल श्री हरिनारायणचारी मिश्र ने आदेश जारी कर दिया है। जारी आदेश में कहा गया है कि
कोई भी व्यक्ति सोशल मीडिया के विभिन्न प्लेटफॉर्म जैसे फेसबुक, व्हाट्सएप, ट्विटर, इंस्टाग्राम, हाईक, एस.एम.एस. टेलीग्राम एवं अन्य सोशल मीडिया साइट आदि का दुरुपयोग कर धार्मिक, सामाजिक, जातिगत भावनाओं एवं विद्वेष को भड़काने के लिए किसी भी प्रकार के संदेशों का प्रसारण नहीं करेगा।

कोई भी व्यक्ति सोशल मीडिया के किसी भी प्लेटफार्म में किसी भी प्रकार के आपत्तिजनक एवं उन्माद फैलाने वाले संदेश, फोटो, वीडियो, ऑडियो इत्यादि जिससे धार्मिक, सामाजिक, जातिगत आदि भावनाएं भड़क सकती हैं या सांप्रदायिक विद्वेष पैदा हो सकता है उसे प्रसारित नहीं करेगा। सोशल मीडिया के किसी भी पोस्ट जिसमें धार्मिक, सांप्रदायिक एवं जातिगत भावना भड़कती हो, को कमेंट, लाइक, शेयर या फॉरवर्ड नहीं करेगा। ग्रुप एडमिन की यह व्यक्तिगत जिम्मेदारी होगी कि वह ग्रुप में इस प्रकार के संदेशों को रोके।

कोई भी व्यक्ति सामुदायिक, धार्मिक, जातिगत विद्वेष फैलाने या लोगों अथवा समुदाय के मध्य घृणा, वैमनस्यता पैदा करने या दुष्प्रेरित करने या उकसाने या हिंसा फैलाने का प्रयास उपरोक्त माध्यमों से नही करेगा और न ही इसके लिए किसी को प्रेरित करेगा। कोई भी व्यक्ति अफवाह या तथ्यों को तोड़ मरोड़कर भड़काकर उन्माद उत्पन्न करने वाले संदेश जिससे लोग या समुदाय विशेष, हिंसा या गैर कानूनी गतिविधियों में शामिल हो जाएं, को प्रसारित नहीं करेगा और न ही लाइक, शेयर या फारवर्ड करेगा और न ही ऐसा करने के लिए किसी को प्रेरित करेगा।

कोई भी व्यक्ति, समुदाय ऐसे संदेशों को प्रसारित नहीं करेगा, जिसमें किसी व्यक्ति, संगठन, समुदाय आदि को एक स्थान पर एक राय होकर जमा होने और उनसे कोई गैरकानूनी गतिविधियां करने के लिए आव्हान किया गया हो, जिससे कानून एवं शांति व्यवस्था भंग होने की प्रबल संभावना विद्यमान हो।

भोपाल शहर की सीमा में किसी भी साइबर कैफे के स्वामी संचालक द्वारा किसी भी अनजान व्यक्ति जिसका परिचय किसी विश्वसनीय प्रमाण-पत्र जैसे परिचय पत्र, मतदाता पहचान पत्र, राशन कार्ड, ड्राइविंग लायसेंस, पासपोर्ट फोटोयुक्त, पैन कार्ड या ऐसे ही अन्य साक्ष्य से प्रमाणित न हो को साइबर कैफे का उपयोग नहीं करने दिया जायेगा। साइबर कैफे के स्वामी/संचालक द्वारा समस्त आगंतुकों/प्रयोगकर्ताओं का रजिस्टर रखा जाना आवश्यक है जिसमें उनका हस्तलिखित नाम, पता, दूरभाष नम्बर तथा परिचय का प्रमाण पत्र अंकित हो इसके बिना सायबर कैफे का प्रयोग वर्जित होगा। साइबर कैफे में बिना वेब कैमरा लगाये जिसमें प्रत्येक आगंतुक /प्रयोगकर्ताओं की फोटो खींची जा सके तथा उसका अभिलेख सुरक्षित रखा जाना आवश्यक होगा।

भोपाल नगर की सीमा में उपरोक्त गतिविधियों को प्रतिबंधित किया जाता है। चूंकि यह आदेश जन सामान्य के जानमाल की सुरक्षा तथा भविष्य में लोकशांति भंग होने की संभावनाओं को ध्यान में रखते हुए जारी किया गया है तथा इतना समय उपलब्ध नहीं है कि जन सामान्य व इससे सम्बंधित सभी पक्षों को उक्त सूचना की तामीली की जा सके।

यह आदेश भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता 2023 की धारा- 163 (2) के अंतर्गत एक पक्षीय पारित किया जाता है। आदेश से व्यथित व्यक्ति भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता 2023 की धारा-163 के अंतर्गत अधोहस्ताक्षरकर्ता के न्यायालय में आवेदन प्रस्तुत कर सकेगा। अत्यंत विशेष परिस्थितियों में अधोहस्ताक्षर कर्ता संतुष्ट होने पर आवेदक को किसी भी लागू शर्तों से छूट दे सकेगा।

यह आदेश तत्काल प्रभावी होगा और यदि बीच में वापस ना लिया गया तो आगामी दो माह तक लागू रहेगा। इस आदेश अथवा इस आदेश के किसी अंश का उल्लंघन करना यथास्थिति अन्य अधिनियमों के साथ भारतीय न्याय संहिता 2023 की धारा 223 के अंतर्गत दण्डनीय अपराध है।

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