अबरार अहमद खान, भोपाल, NIT;
चार साल की अल्फिया के माता-पिता उस वक्त स्तब्ध रह गये जब भोपाल के डॉक्टरों ने बताया कि उनके बच्ची दिल में छेद है और ऑपरेशन कराना पड़ेगा। अल्फिया के बैतूल निवासी पिता श्री अब्दुल तालिब नेत्रहीन हैं और मां अज़ीज़ा परवीन गृहणी है। अल्फिया अपने माता-पिता के साथ अपने दादा के पास रहती है जो फल बेचकर परिवार का भरण-पोषण करते हैं।
अल्फिया का जन्म महाराष्ट्र के बरूड़ में सरकारी अस्पताल में हुआ था। अल्फिया जन्म से ही बीमार रहती थी और लगातार रोती थी। शिशु रोग विशेषज्ञ डॉ. रश्मि कुमरा को जब दिखाया तो उन्होंने बोला कि बालिका का ऑपरेशन कराना पड़ेगा। भोपाल के अस्पताल में दिखाने पर उन्होंने ऑपरेशन में 2 लाख का खर्च बताया। इतनी बड़ी राशि का बंदोबस्त असंभव लगने के बाद वे वापस आ गये।
इसी बीच आंगनबाड़ी में आरबीएसके शिविर में चिकित्सक ने अल्फिया की जांच की और मुख्यमंत्री बाल ह्रदय योजना में नि:शुल्क ऑपरेशन की जानकारी दी। अल्फिया के दादा-दादी ऑपरेशन करवाने से बहुत डर रहे थे। इसलिये चिकित्सक द्वारा बार-बार समझाने के बावजूद वे ऑपरेशन करवाने के लिये राजी नहीं हो रहे थे। जब यह जानकारी मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. प्रदीप मोजेस को मिली तो उन्होंने अल्फिया की मां को समझाया कि भोपाल के हॉस्पिटल में बच्ची का नि:शुल्क ऑपरेशन होगा और वह बिल्कुल ठीक हो जायेगी।
परवीन ने अपने सास-ससुर को कठिनाई से राजी किया। अंतत: अल्फिया का सफल ऑपरेशन 30 अक्टूबर, 2017 को मेडिकल कॉलेज हॉस्पिटल में किया गया। उसे लगातार फॉलोअप के लिये बुलाया जाता है। आज अल्फिया पूर्णत: स्वस्थ है और उसकी मुस्कुराहट से पूरे घर का माहौल बदल गया है।
