श्रमिक को कार्य से बंद करने पर श्रमिक ने श्रम अधिकारी सहित उपभोक्ता अधिकार संगठन कार्यकारिणी अध्यक्ष से की शिकायत | New India Times

मेहलक़ा इक़बाल अंसारी, ब्यूरो चीफ, बुरहानपुर (मप्र), NIT:

श्रमिक को कार्य से बंद करने पर श्रमिक ने श्रम अधिकारी सहित उपभोक्ता अधिकार संगठन कार्यकारिणी अध्यक्ष से की शिकायत | New India Times

किशोर भगवान जाधव निवासी ग्राम निम्ना तहसील नेपानगर जिला बुरहानपुर का निवासी होकर अप्रैल 2014 से उद्योग नगर महाराजा प्रोसेस के सामने स्थित ग्रो हेल्थ प्रोसेस में सुपरवाइजर पप्पू चौरे द्वारा बॉयलर पर बेगारी पद पर नियुक्त किया गया था। श्रमिक एक स्थाई (परमानेंट ) श्रमिक था। जब से श्रमिक का कार्य अब तक नियमित रूप से चल रहा था  श्रमिक किशोर जाधव ने बताया कि 12 ( बारा ) घंटे ड्यूटी  नियमित रूप से करता था। सप्ताह में दो-तीन डबल  ड्यूटी भी करता था। हर माह में मेरी ड्यूटी 29 दिन भरी जाती थी।

श्रमिक अगर बीमार भी हो जाता था तो प्रोसेस सुपरवाइजर पप्पू चौरे द्वारा फोन के माध्यम से बुलाया जाता था और कहा जाता था कि अगर तुम ड्यूटी नहीं आओगे तो तुम्हें काम से बंद कर दिया जाऐगा  जिसके डर के माध्यम से श्रमिक को तबीयत खराब होने के बावजूद भी काम पर आना पड़ता था और  कहता था तुम्हें तुम्हारी ड्यूटी करना है तुम अपनी जवाबदारी समझो  जो श्रमिक मेडिकल द्वारा दवाई लेकर  ड्यूटी करता था परंतु साल भर से शासन द्वारा जो वेतन में बढ़ोतरी आई थी  प्रति 8 घंटे के हिसाब से वह श्रमिक को नहीं दी जाती थी।

श्रमिक वेतन बढ़ाने की मांग करता  था कि मुझे मेरे रेट में कमी है मुझे कलेक्टर रेट से वेतन बढ़ा कर दी जाए तो वह नहीं बढ़ाता था या समझो श्रमिक के साथ जानबूझकर ना बढ़ाना और आवश्यकता से अधिक कार्य कराना जिससे श्रमिक बीमार होने लगा श्रमिक ने कहा इलाज बीमा अस्पताल के साथ-साथ प्राइवेट अस्पताल में भी इलाज कराया उसके बाद श्रमिक को मशीन  जिगर, जेटी, मशीन पर कार्य दिया जाता था दूसरी ओर घर की जवाबदारी भी सर पर थी अगर काम बंद कर देता तो घर परिवार बच्चों का पालन पोषण कैसा होगा यह चिंता लगी रहती थी जैसा की उद्योग नगर से ग्राम निम्ना 15 किलोमीटर रोज का आना-जाना श्रमिक के  निजी वाहन से ही था।

श्रमिक को बैंक अकाउंट के बदले वेतन नगद पगार देना
जिससे श्रमिक के रजिस्टर में दिन नहीं भरे जाना कैशियर की चाल

श्रमिक किशन जाधव ने यह भी बताया कि ग्रो  हेल्दी प्रोसेस के कैशियर पारीक जी द्वारा मुझे कई बार नगद पगार भी दी जाती थी जिससे मेरा रजिस्टर में दिन नहीं भरा जाना जिससे मुझे हक्रजा एवं बोनस में कमी होना यह कैशियर की चाल थी
श्रमिक कैशियर पारीक जी को कहा भी  कि मुझे बैंक अकाउंट में ही पगार दो तो कैशियर श्रमिक को धमकी देता था कि तुम्हें काम से बंद कर देंगे अगर तुम नगद पगार नहीं लगे तो जिससे श्रमिक को माह में एक सप्ताह नगद पगार लेनी पढ़ती थी श्रमिक के द्वारा  पगार बढ़ोतरी को लेकर बार-बार कैशियर पारीक जी और सुपरवाइजर पप्पू चौरे को निवेदन करने के बावजूद भी पगार नहीं बढ़ाई गई।

आखिरकार उन्होंने कहा कि तुम काम पर आना बंद कर दो तुम्हारे जैसे कई लोग आते हैं गेट के बाहर लाइन लगी है मज़दूरों की जो कि श्रमिक को  12 मार्च 2025 से बिना नोटिस के कार्य से बंद कर दिया अब श्रमिक के परिवार की हालत खराब चल रही है। श्रमिक ने श्रम अधिकारी सहित उपभोक्ता अधिकार संगठन कार्यकारिणी अध्यक्ष प्रीतम महाजन को आज 20 मार्च को शिकायत पत्र देते हुए कहा कि ऐसे प्रोसेस संचालक जो मजदूरों का शोषण कर रहे हैं और  ऐसे कैशियर पर उचित कार्रवाई मांग श्रमिक ने की है

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