पीयूष मिश्रा/अश्वनी मिश्रा, सिवनी (मप्र), NIT;
कल ही एनआईटी पर सिवनी में चल रहे उद्योग ऑफिस के ठीक करीब स्थित पाइप फैक्ट्री में दोपहिया वाहनों के आयल बनाने का गोरखधंधे का खुलासा किया गया था, यही नहीं इस पूरे मामले में हमने अपने पाठकों को यह भी बताया था कि पूरा काला कारोबार उद्योग विभाग के अधिकारियों की मिलीभगत से ही कई वर्षों से इस स्थान पर चल रहा है। इसके अलावा यहां दोपहिया वाहनों में बनने वाला नकली और अवैध ऑयल सिवनी जिले सहित नरसिंहपुर छिंदवाड़ा बालाघाट और मंडला जिले के अलावा इन जिलों के आसपास के ऑटो पार्ट्स दुकानों तक सप्लाई करने का सिलसिला जारी था।
खबर के बाद हरकत में आया उद्योग विभाग
सिवनी उद्योग विभाग के करीब स्थित लक्ष्मी पाइप फैक्ट्री में चल रहे काले कारोबार का खुलासा जब एनआईटी पर किया गया तो अधिकारियों के होश उड़ गए। यही नहीं पाइप फैक्ट्री के संचालक और नकली आयल बनाने वाले कर्ताधर्ता और उनके कर्मचारी भी रातोंरात अपना सारा सामान लेकर गायब हो गए, लेकिन हमारे पास ऐसे वीडियो और फुटेज थे जिसमें स्पष्ट रूप से पाइप फैक्ट्री में नकली आयल बनाने का कारोबार दिखाई दे रहा था।
सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार लक्ष्मी पाइप फैक्ट्री के संचालक बड़े राजनीतिक दल से जुड़े हुए हैं और उन्होंने इस पूरे मामले को दबाने के लिए प्रशासनिक रूप से भी कोई कोर कसर नहीं छोड़ी थी।
नोटिस देकर औपचारिकता पूर्ण
सिवनी उद्योग ऑफिस के करीब लक्ष्मी पाइप फैक्ट्री में दोपहिया वाहनों के आयल विभिन्न नामी गिरामी कंपनियों के स्टिकर लगाकर अवैध तरीके से चल रहे काले कारोबार का जब एनआईआईटी पर कल खुलासा किया गया तो उद्योग विभाग ने मात्र औपचारिकता निभाते हुए लक्ष्मी पाइप फैक्ट्री के संचालिका को सिर्फ एक नोटिस जारी कर मामले को दबाने की कोशिश की है। जबकि इस बड़े और अवैध कारोबार के मामले में संबंधित विभाग और नामी गिरामी कंपनियों के नाम से हो रहे आयल पैकिंग के अधिकारियों को भी इस ओर संज्ञान लेना था लेकिन राजनीतिक और घूसखोरी के चलते अब तक इस पाइप फैक्ट्री के ऊपर कोई कार्यवाही नहीं हो पाई है, जिससे जिला प्रशासन के अलावा उद्योग विभाग के अधिकारियों सहित नामी गिरामी आयल कंपनी के नकली आयल बनाने में शामिल विभिन्न अधिकारियों पर भी सवालिया निशान खड़े होने लगे हैं।
