नरेन्द्र कुमार, ब्यूरो चीफ़, जलगांव (महाराष्ट्र), NIT:

जिस जगह पर जाना है वहां की मुख्य समस्या और मांग पर रट लो और फ़िर भाषण दे दो कैमरे को चूम लो। PM CM VVIP’s के दौरों की यह एक आम खासियत बन चुकी है। तापी मेगा रिचार्ज परियोजना को लेकर बुरहानपुर पधारे मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव का ढीलाढाला बयान आया है। मोहन यादव ने इस बेल्ट के तरबूज उत्पादक किसानों का दुखड़ा भी सुना इधर तरबूज़ के दाम गिर जाने के कारण महाराष्ट्र के किसानों ने तरबूज़ के खेतों में छुट्टा सांड छोड़ दिए हैं। विधायक अर्चना चिटनिस ने मोदी + यादव + फडणवीस = मेगा रिचार्ज का गणित बिठाया जो 11 साल में एक ईट आगे नहीं बढ़ पाया है। मेगा रिचार्ज स्कीम 39 हजार करोड़ की नमामि गंगे योजना जैसी पीट चुकी है।

DPR पर DPR नेताओं के हवाई दौरे चाय नाश्ता बिस्कुट इन बातों पर 1991 से अब तक तीनों सरकारों की तिज़ोरी से 250 करोड़ रुपया खर्च हो गया है। राष्ट्रीय जल बोर्ड अध्यक्ष की कुर्सी पर महाराष्ट्र से किसी एक मान्यवर को नियुक्त कराने का अदना सा काम महाराष्ट्र की गतिमान सरकार से न हो सका। महाराष्ट्र सरकार के बजट सत्र में 1 लाख 80 हजार करोड़ रुपए की विकास योजनाएं पैसों के अभाव से केवल कागज़ पर है। मेगा रिचार्ज के लिए महाराष्ट्र सरकार की ओर से कोई ठोस फंड का निर्धारण नहीं किया गया है। केंद्र और मध्य प्रदेश सरकार के बजट मे मेगा के लिए रकम का कोई खुलासा नहीं है। मेगा रिचार्ज योजना बीजेपी शासित राज्यों के नेताओं के लिए जुमला उत्पाद टूरिज्म केंद्र बन चुकी है। अगली रिपोर्ट में हम आपको वाघूर लिफ्ट इरिगेशन योजना के हकीकत से वाकीफ करवाएंगे।
