सैय्यद फैज़ानुद्दीन,पुसद-यवतमाल (महाराष्ट्र), NIT;
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प द्वारा इजराइल की राजधानी के रूप में यरुशलम को मान्यता देने की निंदा करते हुए राष्ट्रीय मुस्लिम मोर्चा पुसद की ओर से डोनाल्ड ट्रम्प के पुतले को जलाकर पुसद के एसडीओ के मार्फत सरकार को ज्ञापन सौंपा।
राष्ट्रीय मुस्लिम मोर्चा ने ज्ञापन में कहा है कि फिलिस्तीन एक मुस्लिम राष्ट्र है और किबला ए अव्वल (बैतूलमुक़द्दस) मुस्लिम लोगों का धार्मिक स्थान है। इसलिए मुस्लिम समुदाय के लोगों के बीच इस स्थान को लेकर एक विशेष रुचि जुडी है। इजरायल सरकार फिलिस्तीनियों के जायज इलाकों पर कब्जा और वहां के नागरिकों के साथ अमानवीय यातना (जुल्म) कर रही है। बंधक बनाकर अमानवीय कृत्यों में आतंक का निर्माण रही है।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने यरुशलम को इजरायल की राजधानी के रूप में स्वीकार है। वास्तविक रूप से ऐसे राजनीतिक कार्य में हस्तक्षेप करना और किसी भी समाज की भावनाओं को दुखाने का हक किसी को भी नहीं है। उनके इस बयान से सारी दुनियां के पूरे मुस्लिम और धर्मनिरपेक्ष लोगों को मन से चोट लगी है। ऐसा ज्ञापन में लिखा गया है। यह ज्ञापन महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री और यूएस दूतावास नई दिल्ली में राजदूत को भी भेजा गया है।![]()
राष्ट्रीय मुस्लिम मोर्चा के विदर्भ प्रभारी अड. सैय्यद रहमत अली ने अपने भाषण में, डोनाल्ड ट्रम्प की टिप्पणियों के खिलाफ अपने गुस्से में भावनाओं को व्यक्त किया।
इस मौके पर गणपतराव गव्हाटे (अध्यक्ष राष्ट्रीय आदिवासी एकता परिषद), ज्ञानदीप कांबले (जिल्हा सचिव भिम शक्ति संघटना), सैय्यद सिद्दिकुद्दीन, डॉ. सैय्यद अब्दुल वहीद, शेख नदीम, सदाकत अली, हफीज़ अताउल्लाह, मौलवी निसार, आदि मौजूद थे। रैली में कई संगठनों के पदाधिकारियों ने भाग लिया, जबकि राष्ट्रीय मुस्लिम मोर्चा कार्यकर्ताओं और नागरिकों ने भी बडी तादाद में भाग लिया।
