स्वर्णिम प्रभात का आगाज है महाशिवरात्रि का पर्व: ब्रह्माकुमारी आदर्श दीदी | New India Times

गुलशन परूथी, ग्वालियर (मप्र), NIT:

स्वर्णिम प्रभात का आगाज है महाशिवरात्रि का पर्व: ब्रह्माकुमारी आदर्श दीदी | New India Times

सभी पर्वों के अपने अपने महत्व है, परंतु कुछ ऐसे महापर्व होते हैं जो सृष्टि तथा मानव जीवन को नई सुबह और स्वर्णिम अवसर प्रदान करते हैं। उन्हीं में से एक महापर्व महाशिवरात्रि का है, जो कि सर्वश्रेष्ठ पर्व है। यह महापर्व आत्मा और परमात्मा शिव के मिलन का सुखद संयोग रात्रि से निकल प्रकाश में जाने तथा अज्ञानता से परिवर्तन होकर सुजानता की नई सुबह की दुनिया का आगमन होता है। सर्व आत्माओं के परमपिता परमात्मा शिव भोले नाथ की महिमा अपरमपार है। उक्त बात सभी को महाशिवरात्रि की शुभकामनाएं देते हुए ब्रह्माकुमारी आदर्श दीदी ने कार्यक्रम के दौरान कही। आपको बता दें कि महाशिवरात्रि महोत्सव के अंतर्गत पुराना हाईकोर्ट लाईन स्थित प्रजापिता ब्रह्माकुमारीज ईश्वरीय विश्व विद्यालय के संगम भवन केंद्र पर शिव ध्वजारोहण एवं कार्यक्रम का आयोजन हुआ।

स्वर्णिम प्रभात का आगाज है महाशिवरात्रि का पर्व: ब्रह्माकुमारी आदर्श दीदी | New India Times

जिसमें व्यवसायी एवं समाज सेवी पीताम्बर लोकवानी, भाजपा पूर्व जिला अध्यक्ष कमल माखीजा, इंडियन मेडिकल एसोसिएशन के पूर्व जिला अध्यक्ष डॉ राहुल सप्रा, कैट के जिला महा मंत्री मनोज चौरसिया, सिविल सेवा से जुड़े शिव कांत कुशवाह, ब्रह्माकुमारीज केंद्र प्रमुख राजयोगिनी बीके आदर्श दीदी, बीके डॉ गुरचरण सिंह, बीके प्रहलाद प्रमुख रूप से उपस्थित थे। दीदी ने आगे कहा कि देवों के देव परमात्मा शिव की महिमा अनंत है। चारों दिशाओं में शिवलिंग के रूप में परमात्मा की यादगार पूरे विश्व में पूजी जाती है। शिवलिंग को ज्योतिर्लिंग भी कहा जाता है। 12 ज्योतिर्लिंग के रूप में भी उनकी पूजा होती है। दीदी ने कहा ज्योति अर्थात प्रकाश, और लिंग से तात्पर्य चिन्ह या प्रतीक से है। परमात्मा शिव ज्योतिस्वरूप है और उनके अनेक कर्तव्य बाचक नाम है। अमरनाथ, सोमनाथ, महाकालेश्वर, अचलेश्वर, गुप्तेश्वर, पापकटेश्वर आदि।

दीदी ने आगे कहा कि शिवरात्रि पर हम भोलेनाथ को अक, धतूरा आदि चढ़ाते है। इससे तात्पर्य है कि हम अक, धतूरे के साथ साथ अंदर की कोई न कोई एक बुराई भी शिव को अर्पित कर अपने अंदर दिव्यगुण धारण करने का संकल्प लें तो निश्चित ही परमात्मा के आशीर्वाद एवं वरदानों से हमारा जीवन दिव्यगुणों से सुसज्जित हो जाएगा। दीदी ने कहा कि स्वर्णिम प्रभात का आगाज है शिवरात्रि का महापर्व। इसलिए बड़े धूमधाम से मनाते हुए। रोज मन की तार परमात्मा शिव से जोड़े और जीवन को श्रेष्ठ बनाएं।

कार्यक्रम में उपस्थित कमल माखीजा ने कहा कि जो यह स्थान हैं यहां पर आकर  सुनना चाहिए। एक अच्छे समाज की स्थापना एक सकारात्मक समाज की स्थापना एक सात्विक समाज की स्थापना करना बड़ा मुश्किल काम है और यह ब्रह्माकुमारीज संस्थान बहुत वर्षों से कर रही है कहा जाता है काले पर सफेद नहीं चढ़ता लेकिन सफेद पर काला चढ़ जाता है। कहा जाता है बुराई हमारे पास बहुत जल्दी आ जाती है अच्छाई हमारे पास इतनी जल्दी नहीं आती लगातार जब हम कोई अच्छा काम करते हैं तब हमारे अंदर अच्छाई ही आती है और यह कार्य ब्रह्माकुमारीज संस्था बड़ी ही अच्छी तरह से कर रही है। इसी के साथ सभी को महाशिवरात्रि की अनेकानेक शुभकामनाएं भी दीं।

कार्यक्रम में मनोज चौरसिया ने शुभकामनाएं देते हुए कहा कि हमने इस संस्थान से बहुत कुछ सीखा है हमें अपने क्रोध पर कैसे कंट्रोल करना है। और दूसरों के प्रति शुभभावना कैसे रखना है। हम जैसी भावना दूसरों की प्रति रखते हैं वैसी भावना ही हमें दूसरों से मिलती है इसलिए हमें हमेशा अच्छी भावना ही सभी के प्रति रखना चाहिए।कार्यक्रम में डॉ राहुल सप्रा ने  शुभकामनाएं दीं और कहा कि यहां पर जो सबसे अच्छी बात सिखाई जाती है वह सॉल कॉन्शियस में रहना, हमें अपने पद पोजीशन का अभिमान ना रखते हुए सॉल कॉन्शियस में रहना  चाहिए यहीं सबसे बड़ा मुश्किल काम है। अगर कोई आपको नेगेटिव वाइब्रेशन दे रहा है तो आपको पॉजिटिव वाइब्रेशंस ही देना है।

कार्यक्रम में पीताम्बर लोकवानी ने कहा कि हमें अपने जीवन को साधारण रखना चाहिए। हमेशा सभी के साथ मधुरता से व्यवहार करना  यही हमारे जीवन का व्यक्तित्व है जब हम दूसरों को देना शुरू कर देते हैं तो हमें अपने आप ही सब कुछ मिलने लगता है यह संस्था हमें श्रेष्ठ जीवन जीना सिखाती है। मुझे यहां आकर अच्छा अनुभव होता है। और आज के शुभ दिन पर मैं सभी को बधाई देता हूँ। कार्यक्रम में शिवाकांत कुशवाह ने कहा कि हम बहुत भाग्यशाली है। हमें यहां पर आकर के बहुत आनंद सुख और शांति की अनुभूति होती है। यह संस्था सभी को सत्य और प्रेम की ओर ले जा रही है।

उन्होंने आगे कहा कि मैं किसी विशेष परीक्षा में 10 बार असफल हुआ।लेकिन दृढ़ निश्चय, मेहनत और ईश्वर की मदद ने मेरा विश्वास टूटने नहीं दिया। यही परमात्म शक्ति है। इसलिए सब कुछ करते हुए परमात्मा से जुड़े रहो। कार्यक्रम के अंत मे शिव ध्वजा रोहण हुआ। जिसमें दीदी जी ने सभी से बुराइयों से दूर रहने और अच्छाई को जीवन में धारण करने का संकल्प कराया। बीके पवन भाई ने शिव महिमा शिव अनादि है… शिव अनंत है… गीत पर सुंदर प्रस्तुति दी। कार्यक्रम का कुशल संचालन बीके प्रहलाद भाई ने किया तथा आभार बीके डॉ गुरचरण सिंह ने किया। इस अवसर पर सैकड़ों श्रद्धालु उपस्थित थे। शिव भोलेनाथ की जयकारा के साथ सभी को प्रसादी वितरण कर कार्यक्रम सम्पन्न हुआ।

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