मोहम्मद जाकिर, मैनपुरी ( उत्तर प्रदेश ), NIT;
उत्तर प्रदेश के मैनपुरी जिला में उच्चतम न्यायालय के आदेश के बावजूद नगर में तालाबों पर अतिक्रमण बंद होने का नाम नहीं ले रहा है। दबंगो द्वारा तालाबों के चारों ओर अवैध कब्जा जारी है जिस कारण पानी की निकासी लगभग बंद होती जा रही है और तालाबों में जल कुम्भी एवं गंदगी अटा पड़ा है। लोगों ने जिलाधिकारी को भेजे गये शिकायती पत्र में तालाब से अवैध कब्जा हटाये जाने की मांग की है।
नगर के मोहल्ला कबीरगंज रसूलाबाद, जुगिया, जीटी रोड बाइपास, गांधीनगर एवं कब्रिस्तान से सटा हुआ एतिहासिक सोमनाथ तालाब अतिक्रमण कारियों के चलते अपना धार्मिक महत्व खोता जा रहा है। लगभग 24 बीघे में स्थित तलाब पर अवैध कब्जों की बाढ़ सी आ गयी है। तालाब के चारों ओर पानी की निकासी बंद हो जाने के कारण नाले-नालियों का पानी धीरे धीरे सिल्ट के रूप में जमा हो गया है। तालाब से निकलने वाली बदबू के कारण लोगों का जीना दूभर हो रहा है। गंदगी के चलते मच्छरों की संख्या में बेतहाशा वृद्वी हो गयी है। तालाब पर उच्चतम न्यायालय आदेश के बावजूद प्रशासन की लापरवाही के चलते दर्जनों दबंगो ने स्थाई निर्माण कर लिये हैं। 
नगर के सुरेन्द्र कुमार, ओमप्रकाश, महेश चन्द्र, अविनाश कुमार, नीलेश चौहान, मो0 रफी, जुबैर आलम, श्यामवीर सिंह आदि ने जिलाधिकारी को भेजी गयी शिकायत में तालाबों से अतिक्रमण हटाये जाने एवं पानी निकासी के रास्ते को खुलवाये जाने की मांग की है। इस सबंध में एसडीएम संदीप कुमार का कहना है कि उन्हें तालाब पर किये जा रहे अतिक्रमण के सबंध में कोई शिकायत नही मिली है। मामला संज्ञान में आने पर जांच कराकर कार्यवाही की जायेगी।
