मोहम्मद इसहाक मदनी, ब्यूरो चीफ, मैहर (मप्र), NIT:

मैहर में विराजमान माँ शारदा धाम स्थित रोपवे संचालन में कथित अनियमितताओं का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। आरोप है कि रोपवे संचालक को अनुचित लाभ पहुंचाने के उद्देश्य से कुछ अधिकारियों और संबंधित समिति के सदस्यों ने मिलीभगत कर बिना विशेषज्ञों की जांच कराए ही रॉयल्टी दरें निर्धारित कर दी। इतना ही नहीं, रॉयल्टी की दरों में त्रुटिपूर्ण तरीके से वृद्धि की गई, जिससे सरकारी राजस्व को नुकसान हुआ और पारदर्शिता पर सवाल खड़े हो गए हैं। सूत्रों के मुताबिक, समिति की कई बैठकों में बिना उचित तकनीकी और आर्थिक विश्लेषण के फैसले लिए गए, जिससे इस प्रक्रिया की निष्पक्षता पर संदेह गहराता जा रहा है।
स्थानीय सामाजिक संगठनों और जनप्रतिनिधियों ने इस पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच की मांग की है। मामले की गंभीरता को देखते हुए अब आवाजें उठ रही हैं कि रीवा संभागीय आयुक्त और मैहर जिला कलेक्टर इस प्रकरण की निष्पक्ष जांच कराएं। यदि विस्तृत जांच की जाती है, तो कई अहम तथ्य उजागर हो सकते हैं और दोषियों पर कार्रवाई संभव हो सकती है। फिलहाल, प्रशासन की ओर से इस विषय पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है, लेकिन अगर जनदबाव बढ़ता है, तो जल्द ही इस पर ठोस कार्रवाई की संभावना जताई जा रही है।
