जमशेद आलम, ब्यूरो चीफ, भोपाल (मप्र), NIT:

भोपाल वार्ड क्रमांक 41 जोन क्रमांक 11 इस क्षेत्र का नाम है सिकंदर कुली, सिकंदर कुली कब्रिस्तान गेट के सामने से भी रास्ता है। सिकंदर कुली मस्जिद के बाजू से भी अंदर रास्ता गया है। यहां पर नालियों को लेकर के लोग बहुत परेशान हैं। आए दिन आपसी विवाद भी होते हैं। निगम के अधिकारियों को इस बात की चिंता नहीं है कि लोग कैसे जी रहे हैं। इन्हें जीने का हक है। यह भी इन्हें शायद पता नहीं है। अब सवाल यह है कि क्या यह नालियों का गंदा पानी लोगों के स्वास्थ्य के साथ बड़ा खिलवाड़ किया जा रहा है।

मध्य प्रदेश सरकार करोड़ों रुपए का बजट केवल स्वास्थ्य के परीक्षण के लिए एक बड़ा बजट खर्च कर रही है वहीं (भाजपा के नेता कहते हैं मेरा नेता मेरा अभिमान है) यहां अगर देखा जाए तो नालियों का जमा हुआ गंदा पानी इसमें भिन्न भिनाते हुए मच्छर बैक्टीरिया नालियों की इलिया तक घरों के अंदर गंदगी घरों के अंदर पहुंच रही है। कई जिंदगियां इससे प्रभावित हो रही है जिंदगी और मौत के मुहाने पर यह गंदी नालियां आप देख सकते हैं। वही मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव देश के उद्योगपतियों और अन्य लोगों को बुलाकर के इन्वेस्टर मीट करा रहे है। जहां देश के प्रधानमंत्री भी पहुंच रहे हैं।
प्रदेश सरकार इन नालियों पर अपनी नजर बनाए रखेगी या विकास का विश्वास रखो यह नारा देते रहेगी। मुस्लिम बहुल क्षेत्र में आरोप लगाते रहे हैं कि बीजेपी की डबल इंजन की सरकार पक्षपात करती है जो यह नजर आ रहा है (तारीफों के पुल बांधना) और काम करने में बहुत अंतर है। केवल पक्षपात होता रहेगा यह कहना भी गलत है। इसलिए कि जो सरकार में है उन्हें कुछ लोग वोट नहीं देते तो शायद उसका बदला भी बड़े आसानी से लिया जाता है। जो आगे चलकर पक्षपात कहलाता है। ऐसा हमने सुना है।
