निहाल चौधरी, इटवा/सिद्धार्थ नगर (यूपी), NIT:
बिजली विभाग में तैनात लाइनमैनों को सुरक्षा किट न मिलने के कारण वह जान जोखिम में डालकर बिजली फाल्ट को ठीक करते है। वहीं फाल्ट ठीक करने के दौरान आये दिन करंट की चपेट में आने से लाइनमैनों की मौत होने या झुलसने की खबर आती है। बिजली विभाग आउट सोर्सिंग पर काम करने वाले लाइनमैनों के साथ किसी तरह की दुर्घटना होने पर हाथ खड़ा कर देता है। पिछले पांच साल में फाल्ट ठीक करने के दौरान करीब कई लाइनमैनों की मौत और करीब दर्जन लाइन मैन झुलस चुके है।
जिले के 120 फीडर पर तैनात है करीब 325 ठेका पर लाइनमैन जिले में 42 बिजली घर है। 120 फीडर है, जिस पर करीब तीन लाख 50 हजार उपभोक्ता है। इन उपभोक्ताओं के घर बिजली पहुंचे इसके लिए 325 ठेका पर लाइन मैन रखे गए हैं। यही लाइन मैन दिन हो या रात जब भी फाल्ट की समस्या होती है तो फोन की घंटी बजते ही लाइट ठीक करने पहुंच जाते हैं, लेकिन बिजली विभाग इनकी सुरक्षा का ध्यान नहीं रखती है और बिना सुरक्षा किट के ही फाल्ट को ठीक करने के लिए खंभों पर चढ़ा देती है,
जिसका नतीजा होता है कि कभी-कभी फाल्ट ठीक करते समय ही लाइन मैन को करंट की चपेट में आने से उनकी मौत हो जाती है या घायल हो जाते हैं। पिछले वर्षों में करंट की चपेट में आने से लाइन मैन की मौत भी हो गयी है। जबकि कुछ घायल हुए हैं। लाइनमैनों के साथ कोई घटना हो जाती है तो बिजली विभाग भी हाथ खड़ा कर देता है।
ये होनी चाहिए सुरक्षा किट:
बिजली के फाल्ट को ठीक करने के लिए लाइनमैनों को खम्भे पर चढ़ने के लिए हाई फ्रिकवेंसी वायरलेंस, हाई बोल्टेज डिटेक्टर हैलमेट व हैंड ग्लब्स, सेफ्टी बेल्ट, फेस कवर फायर प्रूफ जूते व कपड़े होने चाहिए। उप खण्ड अधिकारी विद्युत विभाग प्रेम वर्मा ने बताया कि बिना सुरक्षा किट के किसी भी कर्मचारी को खम्भा पर नहीं चढ़ना चाहिए। कर्मचारियों को सुरक्षा किट न देने वाले एजेंसियो पर कार्रवाई होगी।
