नरेन्द्र कुमार, ब्यूरो चीफ़, जलगांव (महाराष्ट्र), NIT:

ग्राहक सेवा समिति की एक बैठक में समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ता राउफ शेख ने “आपले सरकार सेवा केंद्र” में चल रही आर्थिक लूट का मसला उठाया था। गणतंत्र दिवस के मौके पर इसी मुद्दे पर हम आप जनता को आपके अधिकारों के बारे में व्यापक जानकारी देने का प्रयास करेंगे। मंत्री गिरीश महाजन के बारामती नुमा गृह नगर जामनेर में आपले सरकार सेवा केंद्रों पर दिए जाने वाले ऑनलाइन दाखिलों के लिए सरकार ने रेट तय कर रखा है। वार्षिक कमाई के दाखिले से लेकर निवासी प्रमाणपत्र , जन्म मृत्यु पंजीकरण , हलफनामा , जाती प्रमाणपत्र , नॉन क्रीमीलेयर , राष्ट्रीयता प्रमाणपत्र जैसे कागजात बनवाने के लिए अधिकतम 33 रुपए 50 पैसे देने होते हैं। इन्हीं 33 रुपए 50 पैसे से सरकार केंद्र चालक को सेवा के बदले 10% कमीशन देती है। फीस संबंधी सरकार की ओर से वैसा आदेश जारी किया गया है। अब होता यह है कि आपले सरकार केंद्र वाले ग्राहकों से 33.5 रुपए के बजाय सीधे 100 रुपए ऐंठ लेते हैं मतलब तीन गुना अधिक पैसा। एक केंद्र पर दिनभर में सैकड़ों दाखिले ऑनलाइन किए जाते हैं ऐसे पचासों केंद्र खुले हैं। लोगों को सरकारी सेवा शुल्क पता नहीं चलना चाहिए इस लिए कोई केंद्र चालक अपनी दुकान के बाहर “सेवा दर सूची” नहीं लगाता। संगठित लुट का यह काम राजस्व विभाग के दफ़्तर के ठीक सामने चलता है। मजे कि बात तो यह है कि सरकारी अधिकारियों का हुक्का पानी इन्ही केंद्र संचालकों की तरफ से चलता बताया जा रहा है। कई बार भ्रष्टाचार से सने लेनदेन के व्यवहारों में पंटरगिरी की बू आने की संभावना को नकारा नहीं जा सकता। आपले सरकार सेवा केंद्र प्रशासन के लिए एक ऐसा टूल कीट साबित हो रहा है जो 300 रुपए दिहाड़ी कमाने वाले गरीब किसान मजदूर का पसीने से सना खून चूस रहा है। अगली रिपोर्ट में हम आपको सेवा केंद्रों के कट कमीशन के बारे में विस्तृत जानकारी देने की कोशिश करेंगे
