नरेन्द्र कुमार, ब्यूरो चीफ़, जलगांव (महाराष्ट्र), NIT:

मराठी कैलेंडर के मुताबिक हिन्दू धर्म में मार्गशीर्ष माह काफ़ी महत्वपूर्ण माना जाता है। इसी माह के आखिरी शनिवार को सभी हनुमान मंदिरो में भारी मात्रा में भीड़ देखी गई। जलगांव जिले के बोदवड ब्लॉक के शिरसाला मारुति मंदिर में श्रद्धालुओं द्वारा कबूल की गई मनौतियों के कारण रिकॉर्ड ब्रेक भीड़ इकठ्ठा हो गई, पुलिस प्रशासन की ओर से ट्रैफिक सुचारू करवाने के लिए एक भी पुलिस कर्मी ड्यूटी पर तैनात नहीं किया गया। NH 753L से सात किमी भीतर बसे हनुमान जी के मंदिर तक वाहनों की पांच कि मी लंबी लाइने लगी थी। जैम में फंसे वाहन धारकों ने मंदिर तक जाने के लिए सड़क छोड़कर निजी खेतों मे रास्ता बना लिया। पैदल चलने वालो के पीछे दो पहिया वाहन वाले भी निकल पड़े। भक्तों कि इस शीघ्र दर्शन की व्याकुलता ने गरीब किसानो की चने की फसलों को बुरी तरह से रौंद डाला।

मंदिर के पास सड़क के दो तरफा लगे अतिक्रमित दुकानों ने पैदल चलने वाले को छका कर रख दिया। बढ़ती लोकप्रियता के कारण शिरसाला में भगवान के दर्शन के लिए दूर दूर से हजारों लोग आते हैं। सड़क बिजली पानी पार्किंग सुरक्षा इस तमाम व्यवस्था के नाम पर सरकार और मंदिर प्रशासन की ओर से कोई सुविधा नहीं है। पिछले ढाई साल पर्यटन मंत्री रहे गिरीश महाजन तीर्थ विकास योजना के तहत शिरसाला में एक विस्तृत कॉरिडोर का निर्माण कर सकते थे लेकिन उन्होने एक भी यादगार काम नहीं किया। संत मुक्ताई मंदिर विकास फंड्स को लेकर विधायक एकनाथ खडसे ने शीत सत्र मे देवेन्द्र फडणवीस सरकार को जमकर घेरा। विपक्ष की आवाज़ में दम है कारण देव देश धर्म कि राजनीत करने वाली बीजेपी का कामकाज बेहद कम है।
सुरंगी सड़क पर अतिक्रमण: बोदवड से मुक्ताई नगर जाने के लिए नाडगांव रेलवे क्रॉसिंग के विकल्प में हवाई ब्रिज और बाय पास शुरू किया गया है। भारी वाहन बाय पास से जाते हैं लेकिन छोटे वाहनों समेत ट्रैक्टर, हाफ कट बॉडी वाहन सुरंगी सड़क का इस्तेमाल करते हैं। इसके कारण टनल में भी लंबा जैम लग जाता है और नाडगांव के ग्रामीणों को परेशानी का सामना करना पड़ता है।
