सुशासन सप्ताह 19 दिसंबर से 24 दिसंबर तक | New India Times

जमशेद आलम, ब्यूरो चीफ, भोपाल (मप्र), NIT:

सुशासन सप्ताह 19 दिसंबर से 24 दिसंबर तक | New India Times

संभागायुक्त श्री संजीव सिंह ने निर्देश दिए कि सुशासन सप्ताह के अंतर्गत मुख्यमंत्री जनकल्याण अभियान में शिविरों का आयोजन कर जन-जन तक शासन की योजनाओं एवं सेवाओं का लाभ प्रदान किया जाए। श्री सिंह ने जिलेवार ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रों में लम्बित प्रकरणों का समय-सीमा में निराकरण करने के निर्देश दिए। श्री सिंह ने सभी कलेक्टर एवं एसडीएम को  अपने स्तर पर डीएलसीसी बैठक का आयोजन कर केसीसी, बैंक लिंकेज योजनाओं की समीक्षा करने के निर्देश दिए। संभागायुक्त श्री सिंह ने गुरुवार को कमिश्नर कार्यालय के व्हीसी रूम में राजस्व समीक्षा बैठक में  निर्देश दिए। बैठक में संयुक्त आयुक्त श्री विनोद यादव सहित संबंधित अधिकारी उपस्थित थे।

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श्री सिंह ने मुख्यमंत्री जनकल्याण अभियान के अंतर्गत शिविरों के आयोजन, आवेदन के दर्ज होने एवं निराकृत होने की जानकारी को सतत पोर्टल पर अद्यतन करने के निर्देश दिए। अभियान में जिलेवार ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रों में प्रगति लाने के निर्देश दिए।
श्री सिंह ने संभाग स्तर में 50 से अधिक लंबित आवेदनों की योजनावार स्थिति की समीक्षा की। श्री सिंह ने लंबित आवेदनों का निराकरण कर आमजन को योजना की सुविधा प्रदान करने के निर्देश दिए।

श्री सिंह ने जनजातीय कार्य विभाग के अंतर्गत धरती आभा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान एवं पीएम जन मन योजना की समीक्षा की। धरती आभा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान अंतर्गत विभागीय गतिविधियों में गैप आइडेंटिफिकेशन करने के लिए जिलों को रणनीति बनाकर लक्ष्य प्राप्त करने के निर्देश दिए।श्री सिंह ने पीएम जन मन योजनांतर्गत हितग्राहीमूलक योजना एवं अधोसंरचनात्मक योजनाओं की समीक्षा की। श्री सिंह ने कलेक्टर एवं एसडीएम को निर्देश दिए कि डीएलसीसी बैठक का आयोजन कर केसीसी एवं बैंक लिंकेज आधारित योजनाओं के लाभ हितग्राहियों तक पहुंचने के निर्देश दिए।

श्री सिंह ने राजस्व महाअभियान 3.0 की संभागीय समीक्षा की एवं अभियान में लंबित प्रकरणों का निराकरण कर प्रगति लाने के निर्देश दिए। 19 दिसंबर से शुरू सुशासन सप्ताह में जनकल्याण अभियान के साथ शिविरों का आयोजन कर सेवाएं प्रदान करने के निर्देश दिए। श्री सिंह ने भोपाल, रायसेन एवं राजगढ़ जिलों को राजस्व  मानचित्र पर संरक्षित क्षेत्र की सीमा एवं इकोसेंसिटिव क्षेत्र की सीमा स्पष्ट रूप से अंकित कर राजस्व एवं वन अधिकारियों से सत्यापित कराकर रंगीन कैडेस्ट्रल मानचित्र एवं के एम एल फाइल बनाकर प्रेषित करने के निर्देश दिए।

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