अविनाश द्विवेदी, कटनी (मप्र), NIT;
जिले में संचालित विभिन्नशासकीय योजनाओं का लाभ हितग्राहियों को मिले। शासकीय विद्यालयों, आंगनबाड़ी केन्द्रों, स्वास्थ्य केन्द्रों में व्यवस्थायें बेहतर हों। जिसके तहत जरुरत अनुसार बेहतर व्यवस्थायें पढ़ने वाले विद्यार्थियों, बच्चों और आम जनमानस को उपलब्ध हो सके। कलेक्टर विशेष गढ़पाले द्वारा इस दिशा में निरंतर प्रयास किये जाते रहे हैं, साथ ही इससे संबंधित आवश्यक दिशा-निर्देश भी संबंधित अधिकारी को समय-समय पर दिये जाते रहे हैं। विगत दिनों आयोजित समय सीमा की बैठक में कलेक्टर ने अधिकारियों को विभिनन विभागों द्वारा संचालित कार्यालयों, स्कूलों, छात्रावासों, आंगनबाडियों, मनरेगा के तहत किये जाने वाले कार्यों सहित अन्य गतिविधियों का जमीनीस्तर पर रिव्यू करने की बात कही थी।
इसी के मद्देनजर बुधवार को कलेक्टर विशेष गढ़पाले ने विभिन्न विभागों के विभाग प्रमुखों की बैठक ली। इस बैठक में एक और नवाचार करते हुये कलेक्टर ने पहली बार एक साथ 68 से अधिक जिला स्तर एवं ब्लॉक स्तर के अधिकारियों को जिले में संचालित विभिन्न विभागों के बालक एवं बालिका छात्रावासों का निरीक्षण करने की जिम्मेदारी सौंपी। इसके लिये 68 छात्रावासों के नामों की चिट लिखवा कर रखवाई गई थी। जिसे बैठक में मौजूद प्रत्येक अधिकारी को एक चिट उठाने के लिये कहा गया। जिसके बाद लॉटरी के माध्यम से विभिन्न विभागों के अधिकारियों को चिट में लिखे संबंधित छात्रावास का विजिट करने के निर्देश कलेक्टर ने दिये। साथ ही विजिट की रिपोर्ट शाम तक अनिवार्य रुप से प्रस्तुत करने की बात भी कलेक्टर ने कही।
बैठक के दौरान ही कलेक्टर ने विजिट के संबंध में उपस्थित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश भी दिये। अधिकारियों को उन्होंने विशेष तौर पर छात्रावासों में मूल-भूत सुविधाओं पर ध्यान देने की बात कही। उन्होंने कहा अधिकारी अपने निरीक्षण में यह अवश्य चैक करें कि छात्रावासों में भोजन समय पर और, पर्याप्त मिले। इसके साथ ही यदि किसी छात्रावास में कोई अच्छी बात सामने आये, तो उसे भी अपने निरीक्षण प्रतिवेदन में स्पष्ट करें। वहीं छात्रावासों के अधीक्षकों की गलतियां सामने लाकर उन्हें सुधारने की बात भी कलेक्टर ने कही।
कलेक्टर विशेष गढ़पाले ने इस तरह के निरीक्षणों को हर सप्ताह में एक या दो बार करने की बात कही है। जिसमें जिला स्तर एवं ब्लॉक स्तर के अधिकारियों को अलग-अलग विभगाों द्वारा जिले में संचालित गतिविधियों की जमीनी हकीकत से रुबरु कराया जायेगा। इन निरीक्षणों में सामने आने वाले परिणामों के आधार पर,गलतियों के सुधार और योजनाओं के बेहतर क्रियान्वयन के लिये आवश्यक कार्यवाही की बात भी कलेक्टर ने कही।
