जागरुकता शिविर: महाविद्यालय एवं शालाओं के छात्रों के बीच आत्महत्या, मृत्यु का दूसरा सबसे बड़ा आम कारण है | New India Times

मेहलक़ा इक़बाल अंसारी, ब्यूरो चीफ, बुरहानपुर (मप्र), NIT:

जागरुकता शिविर: महाविद्यालय एवं शालाओं के छात्रों के बीच आत्महत्या, मृत्यु का दूसरा सबसे बड़ा आम कारण है | New India Times

जिला विधिक सेवा प्राधिकरण जिला न्यायालय जिला बुरहानपुर एवं जिला चिकित्सालय मनकक्ष विभाग जिला बुरहानपुर के संयुक्त तत्वाधान में जीजा माता शासकीय पॉलीटेक्निक महाविद्यालय जिला बुरहानपुर  के छात्र- छात्राओं के लिए मानसिक स्वास्थ्य जागरूकता, आत्महत्या रोकथाम जैसे गंभीर विषय पर कार्यशाला आयोजित की गई।

उक्त अवसर पर DHO 1 जिला स्वास्थ्य अधिकारी डॉ LDS फुन्क्वाल, जिला विधिक सहायता अधिकारी जिला न्यायालय बुरहानपुर जयदेव माणिक, जायंट्स फेडरेशन 7 यूनिट 2 डायरेक्टर एवं समाज सेवी व् पेरालिगल वोलेनटियर महेंद्र जैन, मानसिक विभाग बुरहानपुर के जिला नोडल अधिकारी डॉ देवेन्द्र झडानिया, डॉ रघुवंशी, पोलेटेक्निक कोलेज प्राचार्य दीपक शाह एवं मनकक्ष प्रभारी सीनियर नर्सिंग ऑफिसर सीमा डेविड आदि इस अवसर पर उपस्थित थी।

मनकक्ष प्रभारी डॉक्टर देवेंद्र झडानिया द्वारा मानसिक संकट से जूझ रहे विद्यार्थियों की पहचान कर, अधिक संसाधन और सहायता प्रदान  करना इस केंद्र का मुख्य उद्देश्य है। इसके अंतर्गत मानसिक स्वास्थ्य सुधार के उद्देश्य से कार्यक्रम और नीतियां लागू कर एवं कॉलेज में परामर्शदाताओं एवं काउंसलिंग सेल की उपलब्धता सुनिश्चित करना प्राथमिकता है।

सीनियर नर्सिंग ऑफिसर सीमा डेविड ने  राष्ट्रीय मानसिक स्वास्थ्य जागरूकता के लिए उठाए गए ठोस कदम मनहित एवं टेली मानस स्वास्थ्य कार्यक्रम 24 घंटे अवेलेबल निःशुल्क स्वास्थ्य सेवा टोल फ्री नंबर 144 16 के उपयोगिता एवं कार्य प्रणाली के बारे में बताया एवं स्टाफ तथा छात्र-छात्राओं से मनहित एप डाउनलोड एवं टेलीमानस नंबर सेव कराया गया।

जिला विधिक सेवा प्राधिकरण में पैरालीगल वॉलिंटियर्स एवं वरिष्ठ समाजसेवी महेंद्र जैन द्वारा छात्र-छात्राओं को मानसिक स्वास्थ्य की उपयोगिता और महत्व के बारे में बताते हुए कहा कि सकारात्मक दिशा में आगे बढ़ते रहे एवं किसी भी प्रकार के मानसिक संकट होने पर मनोविशेषज्ञ से मिले एवं मानसिक स्वास्थ्य सेवाओं का घर बैठे सहायता ले सकते हैं।

जिला विधिक सेवा प्राधिकरण जिला न्यायालय बुरहानपुर में पदस्थ ज़िला विधिक सहायता अधिकारी माननीय श्री जयदेव मानिक  ने कहा- कॉलेज  की यह  नैतिक जिम्मेदारी है, कि ऐसी नीतियां विकसित करें, जो छात्रों को बिना किसी नतीजे के मदद लेने के लिए प्रोत्साहित करें और मानसिक संकट में छात्रों का समर्थन और सहायता के लिए समानता का दृष्टिकोण बनाए रखें।

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि जिला स्वास्थ्य अधिकारी डी एच ओ-1 डॉक्टर एलडीएस फूंकवाल के द्वारा कहा गया- कि कालेज परिसर के भीतर मानसिक स्वास्थ्य के लिए सकारात्मक माहौल का होना जरूरी है। छात्रों में अवसाद या डिप्रेशन शैक्षणिक प्रदर्शन में शीर्ष 10 बाधाओ में से एक  है। अतः कॉलेज परिसर मे छात्र-छात्राओं को बेहतर मानसिक स्वास्थ्य की शिक्षा भी मिलनी चाहिए। इस कार्यक्रम में टीपीओ श्री विकास जाधव, मैथ्स फैकेल्टी श्री किशोर तलवानी एवं कॉलेज में कार्यरत सभी स्टाफ एवं बड़ी संख्या में कॉलेज में अध्यनरत छात्र छात्राएं उपस्थित रहे।

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