शासकीय नियमों की धज्जियां उडा रहा है सीएसआर विभाग, एसीसी सिमेंट प्लांट मैनेजमेंट कैमोर पर करोडों रूपये के वारे न्यारे करने का आरोप | New India Times

शेरा मिश्रा/अविनाश द्विवेदी, कटनी (मप्र), NIT; ​शासकीय नियमों की धज्जियां उडा रहा है सीएसआर विभाग, एसीसी सिमेंट प्लांट मैनेजमेंट कैमोर पर करोडों रूपये के वारे न्यारे करने का आरोप | New India Timesकैमोर एसीसी सीमेंट प्लांट मैनेजमेंट में सीएसआर विभाग होता है, जिसका कार्य समाजिक गतिविधियों को अंजाम देना होता है। शासकीय नियमानुसार एसीसी सीमेंट प्लांट अपने मुनाफे का 2 % कम्पनी द्वारा शासकीय अधिकारियों की अनुमति तथा सीएसआर के माध्यम से क्षेत्र की जनता व पीडितों को लाभ पहुंचाने के लिए बनाई गई है। शासन द्वारा हर उद्योग को साफ तौर पर आदेश दिए गए हैं कि उद्योग की वजह से जो भी परेशानी होती है उनको सीएसआर के माध्यम से सहायता पहुंचाई जानी है। जिसके लिए विगत दिनों तक सीएसआर विभाग में सैकडों कर्मचारी थे किन्तु प्लांट हैड का स्थानांतरण होते ही विकास की कार्यप्रणाली ही बदल गई, नये प्लांट हैड ने सीएसआर डिपार्टमेंट के सभी कर्मचारियों को अलग कर अपनी इनायते करम एक महिला पर की और एक महिला के भरोसे प्रमुख डिपार्टमेंट सौंप दिया गया। खास बात यह है कि एसीसी सीएसआर डिपार्टमेंट के अंतर्गत 2016 में 22 करोड़ आया और 2017 में अभी कुछ दिन पूर्व ही 20 करोड़ की राशि आई जिसका क्रियान्वयन शासकीय अधिकारियों के नेतृत्व में होना है। आरोप है कि  नियमों का उल्लंघन कर महिला पर महेरवान प्लांट हैड करोड़ों के बारे न्यारे कर रहे हैं। दो वर्षों की राशि का हिस्सा अगर इस कदर है तो विगत वर्षों की राशि का क्या हाल होगा। इस राशि पर शासकीय अधिकारियों का अंकुश होता है। नियमानुसार राशि का लाभ उसी को दिया जाना चाहिए जो उद्योग से पीडित हो। क्षेत्र की सुविधा क्षेत्र की समस्या के लिए प्रशासनिक अधिकारी एसीसी मैनेजमेंट को मार्गदर्शन कर इस राशि को उचित जगह खर्च करा सकते हैं, किन्तु कैमोर एसीसी सीमेंट अपने क्षेत्र में न कोई स्वास्थ्य सेवा दे रही है, न शिक्षा के इन्तजाम और न ही कोई मूलभूत सुविधा। दिखावे के लिए स्वास्थ्य केन्द्र तो हैं किन्तु एसीसी के अधिकारियों के लिए, साथ ही डीएवी स्कूल भी है किन्तु यहां पर भी आम जनता के बच्चों को एडमिशन नहीं मिलता। यहां शिक्षा दिलाने के नाम पर ढोंग किया जाता है। आम आदमी को सिर्फ प्रदूषण की मार और असुविधा मिल रही है।

समाजसेवा संस्था हुई बंद, एनजीओ के कर्मचारी हुए बेरोजगार

प्लांट हेड ने आते ही क्षेत्र में जन हितैषी कार्य करने वाली एनजीओ को बंद करा दिया जबकि यह संस्था उद्योगिक क्षेत्र के लोगों को सिलाई, कढाई, मेहदी रंगोली और किसानों को प्रशिक्षित करती थी और रोजगार योग्य बनाती थी। क्षेत्र को बदहाली में डाल कर प्लांट हैड इनदिनों कटनी की चार एनजीओ को मुनाफा पहुंचा रहे हैं। जानकारों ने तो यह भी बताया है स्थानीय एनजीओ के माध्यम से जो सीएसआर को मुनाफा मिलता था उसका प्रचार प्रसार हो जाता था जिससे एसीसी के अधिकारी परेशान होते थे। कटनी एनजीओ बिना किसी कार्य के हि बिल भुगतान करा रही है और सीएसआर के माध्यम से एसीसी के अधिकारी अच्छा खासा मुनाफा कमा रहे हैं।

झुठे प्रचार प्रसार के लिए फर्जी मीडिया को बढावा

शासकीय निती को नष्ट कर सीएसआर को शुन्य करने के बाद अब झुठी वाहवाही लूटने के लिए एसीसी ने कैमोर में एक स्थानीय इलेक्ट्रॉनिक को पाल रखा है जो झुठा प्रचार प्रसार कर नगर व शासन को भ्रमित करने का कार्य करते हैं। इस मिडीया को घर दफ्तर दुकान पर निःशुल्क विधुत सप्लाई दी जा रही है। गाडी पार्क करने की व्यवस्था से लेकर छोटी छोटी सुविधा मुहैया कराई जाती है। जबकि इस मिडीया के पास कोई शासकीय निर्देश चैनल चलाने के नही हैं। एसीसी मैनेजमेंट की शरण मे यह मिडीया फल फूल रहा है। यह चैनल जहां एसीसी मैनेजमेंट की झुठी वाह वाही करता है वही कैमोर की आम बातों को भी यह उजागर कर कैमोर की आबो  हवा खराब कर रहा है। समाज के हित में इस चैनल पर पावंदी लगानी चाहिए।

By nit

One thought on “शासकीय नियमों की धज्जियां उडा रहा है सीएसआर विभाग, एसीसी सिमेंट प्लांट मैनेजमेंट कैमोर पर करोडों रूपये के वारे न्यारे करने का आरोप”

प्रातिक्रिया दे

आपका ईमेल पता प्रकाशित नहीं किया जाएगा. आवश्यक फ़ील्ड चिह्नित हैं *

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.

Gift this article

Exit mobile version