परसराम साहु, देवरी-सागर (मप्र), NIT;
कायस्थ युवा महासभा ने गांधी मन्दिर में संविधान निर्माता दिवस मनाया, जिसमें कायस्थ समाज के अध्यक्ष सुधीर श्रीवास्तव ने अध्यक्षता की।
कार्यक्रम की शुरूआत डाॅ राजेन्द्र प्रसाद के चित्र पर माल्यार्पण करने से हुआ। इस मौके पर नगर पालिका अध्यक्ष मयंक चौरसिया ने कहा कि राजू दीक्षित ने निःस्वार्थ भाव से सभी महापुरुषों व स्वंतत्रता संग्राम सेनानी की जयंती एवं पुण्यतिथि मनाने का संकल्प लिया है। सबसे पहले वह बधाई के पात्र हैं। राजेंद्र प्रसाद जी के बारे में एक आँखों देखा प्रसंग सुनाया की वह समय की कीमत कैसे करते थे। वही गाँधी मन्दिर को दर्शनीय स्थान बनाने के लिये नगर पालिका परिषद से कुर्सी, पेवर्स आदि लगाने के लिये प्रयासरत रहेंगे।अंशुल श्रीवास्तव ने इस अवसर पर कहा कि भारत के प्रथम राष्ट्रपति संविधान निर्माता डा. राजेन्द्र प्रसाद के जन्म दिवस को समूचे भारत ही नहीं सारे विश्व को संविधान निर्माता दिवस मनाने की अपील की। उन्होंने कहा बिहार में 1884 में जन्मे राजेन्द्र बाबूजी पहले ऐसे राष्ट्पति थे जिन्होंने अपनी सैलरी आधी कर दी थी। कायस्थ समाज के कुल भूषण डाॅ राजेन्द्र प्रसाद को ही संविधान निर्माता कहे जाने की मांग की है और 3 दिसम्बर उनके जन्म दिवस को संविधान निर्माता दिवस मनाये जाने की भी मांग की है।
पंकज जैन ने भारत के प्रथम राष्टपति भारत रत्न के जीवन पर प्रकाश डाला व उनके योगदान को बताया।कार्यक्रम में सुधीर श्रीवास्तव, मयंक चौरसिया, कमलेश खरे पत्रकार, हरिशंकर श्रीवास्तव, श्री राम किराना, अशोक खरे, अंशुल श्रीवास्तव, संदीप खरे, युवा कायस्थ समाज अध्यक्ष, बद्री विश्वकर्मा, गाँधी भक्त राजू दीक्षित, पंकज जैन, नितिन ठाकुर, सतीश सेन, मोहन रैकवार ब्लाक प्रभारी आम आदमी पार्टी, चंदशेखर रजक आदि उपस्थित रहे।
