आदीवासी समाज की जमीनों पर भू माफियाओं की नज़र, कायदे कानून एवं नियम को ताख में रख बेची जा रही हैं ज़मीनें | New India Times

रहीम शेरानी हिन्दुस्तानी, ब्यूरो चीफ, झाबुआ (मप्र), NIT:

आदीवासी समाज की जमीनों पर भू माफियाओं की नज़र, कायदे कानून एवं नियम को ताख में रख बेची जा रही हैं ज़मीनें | New India Times

आदीवासी बाहुल्य जिला झाबुआ के मेघनगर में आदिवासी समाज की बेशकिमती कृषी भुमि (ज़मीन) पर भू माफियाओं की नज़र है। भू माफिया गरीब भोले भाले आदीवासियों को अपने जाल में फंसा कर और थोड़ा सा लालच देकर बेशकीमती जमीनों पर अवैध कालोनी काटनें के नाम पर सामान्य लोगों से मोटी रकम वसूल कर एवं आदीवासियों से औने पाने दामों पर लेकर कायदे कानून को ताख में रख कर नियम विरुद्ध कालोनियां काट रहे हैं। इन अवैध कॉलोनाइजरों द्वारा या फिर यु कहें के भू माफियाओं द्वारा किसी भी नियम कायदे कानून का पालन नहीं करते हुए अपनी मनमर्जी चला रहे हैं।

विचारणीय बात तो यह है की इन अवैध कालोनियों की रजिस्ट्रीयां कैसे की जा रही है।

इन भु माफियाओं द्वारा शासन की किसी भी गाईड लाईन का पालन नहीं किया जा रहा है।
भु माफियाओं की सरकारी मुलाजिमों से तगड़ी सेटिंग होती है जिससे वे चांदी की चम्मच से चाटकर कागजों में हेराफेरी कर भु माफियाओं को संरक्षण देते हैं। जमीनों की फर्जी रजिस्ट्रीयां भी धड़ल्ले से हो रही है।

जमीन मालिक को भी पता नहीं होता और जमीन की फर्जी रजिस्ट्रीयां हो जाती है।

ज़िले के ज़िम्मेदार अधिकारीयों को इस ओर ध्यान देकर बारीकी से जांच करना चाहिए हो रहे फर्जीवाड़ा को रोक कर बेशकीमती कृषी भूमि आदीवासियों की जमीनों को बचाना चाहिए।

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