शमसुद्दोहा, ब्यूरो चीफ, गोरखपुर (यूपी), NIT:

पंडित दीनदयाल उपाध्याय कर्मचारी कैशलेस इलाज में हो रही गड़बड़ी को लेकर राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद की एक बैठक डिप्लोमा इंजीनियरिंग संघ भवन में हुई जिसकी अध्यक्षता परिषद के अध्यक्ष रूपेश कुमार श्रीवास्तव और संचालन महामंत्री मदन मुरारी शुक्ल द्वारा किया गया।
बैठक को संबोधित करते हुए अध्यक्ष रूपेश कुमार श्रीवास्तव ने कहा की वर्षों की मेहनत लगन और परिश्रम के बाद उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने कर्मचारियों को फ्री इलाज की सुविधा प्रदान कराई जो वास्तव में सराहनीय है, लेकिन सरकार के ही ब्यूरोक्रेट इस व्यवस्था की खामियों को दूर नहीं कर रहे हैं जिससे मरीजों को इलाज करने में बहुत ही परेशानी हो रही है। परिषद उत्तर प्रदेश के यशस्वी मुख्यमंत्री से यह अनुरोध करता है कि दीनदयाल कैशलेस इलाज कार्ड जो आपका ड्रीम प्रोजेक्ट में से एक है, इस पर आप स्वत: संज्ञान लेकर ऐसी व्यवस्था बनवाइए जिससे कि किसी भी कर्मचारी को इलाज करने में कोई दिक्कत ना हो तथा ओपीडी भी कैशलेश इलाज में शामिल किया जाए।
महामंत्री मदन मुरारी शुक्ला ने कहा कि कैशलेश इलाज में मरीज के भर्ती के समय इलाज करने वाले संस्था से अप्रूवल आने में काफी टाइम लगता है जिससे इलाज के अभाव में मरीज की जान जाने की संभावना रहती। है तथा मरीजों को इससे काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है, इसलिए शासन स्तर पर ऐसी व्यवस्था बनाई जाए की मरीज को उपचार तत्काल मिले तथा कागजी कार्रवाई बाद में पूरी होती रहे। संगठन के संरक्षक अशोक पांडे और वरिष्ठ उपाध्यक्ष पंडित श्याम नारायण शुक्ला ने रिटायर्ड एनपीएस कर्मचारियों के इलाज का भी मामला उठाया जिसमें कहा गया कि जो कर्मचारी न्यू पेंशन स्कीम से रिटायर हो गए हैं उन्हें यह सुविधा मिल नहीं रही हैं सरकार एनपीएस से रिटायर कर्मचारियों को भी दीनदयाल कैशलेस इलाज कार्ड की सुविधा प्रदान करें।
इस अवसर पर इंजीनियर राम समुझ, इंजीनियर निधि त्रिपाठी, अनूप कुमार, रामधनी पासवान, कृष्ण मोहन गुप्ता, राजेश सिंह, कनिष्क गुप्ता, इजहार अली, फुलई पासवान, जामवंत पटेल, विनीता सिंह तथा गो सेवक वरूण बैरागी सहित तमाम कर्मचारी नेता उपस्थित रहे।
