मुबारक अली, ब्यूरो चीफ, शाहजहांपुर (यूपी), NIT:

थाना कांट पुलिस व एसओजी की टीम ने तीन साल की बच्ची के साथ दुष्कर्म करने वाले आरोपी संजय उर्फ संजू को पुलिस मुठभेड के दौरान नाजायज असलाह के साथ किया गिरफ्तार, मुठभेड़ में आरोपी व एक पुलिसकर्मी को गोली लगने से घायल।
थाना कांट क्षेत्र के गांव में 6 नवंबर की रात को तीन साल की बच्ची को घर से अगवाह कर किया दुष्कर्म, परिजनों एवं गांव के लोगों ने बच्ची की खोज की तो वह जिस हालत में मिली की सब लोग शर्मसार हो गए, परिजनों की तहरीर पर मुकदमा दर्ज किया, और बच्ची को अस्पताल भेजा गया, राजेश एसo पुलिस अधीक्षक एवं संजय कुमार एसपी सिटी ने भी घटना का निरीक्षण किया एसपी ने थाना कांट पुलिस के साथ-साथ SOG टीम को लगाया।
अवनीश कुमार प्रभारी निरीक्षक थाना कांट, धर्मेंद्र कुमार प्रभारी निरीक्षक एसओजी, अपराध निरीक्षक सत्य सिंह, उo निo राम सुंदर यादव, उo निo पंकज कुमार सिंह, हेo कांo दिलीप कुमार, हेo कांo सुशील कुमार शर्मा, हेo कांo खालिद हुसैन आदि पुलिस टीम ने संजय उर्फ संजू को मदनपुर रोड जिंदों वाली पुलिया के पास घेरा बंदी कर पकड़ने का प्रयास किया तो संजय ने पुलिस टीम पर फायर कर दिया गोली एक सिपाही के बाजू को छूता हुआ निकल गया, पुलिस के द्वारा की गई फायरिंग में संजय के पैर में गोली लगी, पुलिस ने एक अवैध तमंचा, कारतूस व एक मोबाइल बरामद किया।
पुलिस पुछताछ में संजय ने बताया कि घर में छत के रास्ते घुसकर उसकी तीन साल की बेटी को उठाकर ले जाकर उसके साथ गलत काम किया तथा उस बच्ची को टयूबवैल पर ही छोडकर अपने घर चला गया। उस समय गांव वाले लड़की को ढूंढ रहे थे तो मैं भी उन लोगों के साथ लडकी को ढूंढने लगा जिससे मुझ पर लोग शक न करें।
जितेन्द्र व इनके परिवार वाले गांव के राजाराम पर शक कर रहे थे तो मैं आश्वस्त हो गया कि मैं बच गया लेकिन जब आप लोगों ने हम सब भाईयों की व अन्य लोगों की फोटो खींची तो मुझे एक डर सताने लगा कि कहीं मैं पकड़ा न जाऊं। कुछ समय बाद जब मुझे यह भी पता चला कि घटना की सच्चाई व मेरे बारे में पुलिस को जानकारी हो गयी है तथा गाँव वालों को भी पता चल गया है तो मुझे डर सताने लगा कि लोग मुझे मार देंगे इसलिए मैंने अपनी सुरक्षा के लिए घर पर रखा अपना तमंचा और कारतूस लेकर घर से चला आया। मुझे डर सता रहा था कि पुलिस मुझे पकड़ कर जेल भेज देगी। इसलिए मैं पकड़े जाने के डर से गांव से गुड़गांव हरियाणा भाग जाने का प्लान बनाया लेकिन मेरे पास पैसे कम थे इसलिए मैं पैदल पैदल आया और आगे कहीं अपना मोबाईल फोन बेचकर रूपयों की व्यवस्था करके गुड़गांव चला जाता।
