80 घंटे बाद समाप्त हुआ अनशन,एसडीएम ने जूस पिलाकर तुड़वाई भूख हड़ताल | New India Times

पीयूष मिश्रा, सिवनी (मप्र), NIT; ​80 घंटे बाद समाप्त हुआ अनशन,एसडीएम ने जूस पिलाकर तुड़वाई भूख हड़ताल | New India Timesपिछले 4 दिनों से जनपद पंचायत कार्यालय के सामने भूख हड़ताल और अनशन व धरने पर डटे हुए उपसरपंच तथा पंचों ने अपना अनशन शासन के द्वारा दिए गए आश्वासन तथा की जा रही कार्यवाही के संबंध में अनशनकारियों को मिले शासन के पत्र के आधार पर अपनी भूख हड़ताल व अनशन समाप्त कर दिया है।

करीब 80 घंटे बाद लखनादौन SDM अंकुर मेश्राम और छपारा तहसीलदार क्षमा श्राफ सहित प्रशासनिक अमला अनशनकारियों के पंडाल पर पहुंचा और उन्हें शासन की ओर से की जा रही कार्रवाई तथा एक पत्र भी दिया। मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत सिवनी की ओर से अनशनकारियों को दिए गए इस पत्र क्रमांक/3728/2017 में ग्राम पंचायत छपारा के सरपंच सचिव के विरुद्ध प्राप्त शिकायत के संबंध में मध्यप्रदेश पंचायत राज एवं ग्राम स्वराज अधिनियम 1993 की धारा 40 के तहत पद से पृथक करने एवं धारा 92 के तहत अधिनियम तथा गबन की गई राशि रुपये 17 लाख 15138 वसूली हेतु जांच प्रतिवेदन प्रेषित किया गया है। प्रकरण का अवलोकन अधोहस्ताक्षरी द्वारा किया जा रहा है और यह प्रकरण पंजीबद्ध करते हुए अनावेदकों को नोटिस जारी कर जवाब मांगा जा रहा है, अनावेदकों से जवाब प्राप्त होने के उपरांत प्रकरण में विधि अनुसार कार्रवाई की जाएगी। जिसे पढ़कर आमरण अनशन पर बैठे छपारा उप सरपंच सुरजीत सिंह मेहर सिंह सैयाम पंच और शंभू दयाल सैयाम द्वारा अपना अनशन समाप्त करने की घोषणा की गई, जिसके बाद SDM अंकुर मेश्राम के द्वारा अनशनकारियों को जूस पिलाकर भूख हड़ताल व अनशन तुड़वाई गई।

  अनशनकारियों ने एसडीएम को सौंपा ज्ञापन

अनशन समाप्त होने के बाद हड़तालियों ने अपनी ओर से एक ज्ञापन भी लखनादौन एसडीएम को दिया, जिसमें जल्द से जल्द इन प्रकरण को जिला पंचायत सिवनी के द्वारा सुनवाई कर दोषियों पर कड़ी कानूनी कार्यवाही किए जाने तथा ग्राम पंचायत छपारा के वित्तीय लेनदेन पर पारदर्शिता लाने हेतु वित्तीय प्रभार का परिवर्तन कर सीईओ, बीपीओ, पीसीओ के सामूहिक हस्ताक्षर पर अधिकारिक रूप से ग्राम पंचायत छपारा का लेन देन हो और जब तक इस प्रकरण में न्यायालय का फैसला नहीं आ जाता तब तक छपारा पंचायत का वित्तीय लेन-देन सरपंच और सचिव से छीन कर उक्त अधिकारियों को परिवर्तन किये जाने की मांग अपने ज्ञापन में की गई है।

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