मेहलक़ा इक़बाल अंसारी, ब्यूरो चीफ, बुरहानपुर (मप्र), NIT:

जब आप गर्भवती होती हैं तो भावनात्मक उतार चढ़ाव स्वभाविक एवं सामान्य होते हैं। अधिकांश महिलाओं का गर्भावस्था के दौरान मानसिक स्वास्थ्य अच्छा रहता है, हालांकि कुछ महिलाओं को इसे संभालना मुश्किल लगता है। गर्भावस्था के दौरान और अपने बच्चे की जन्म की तैयारी के दौरान, मानसिक रूप स्वस्थ रहने में आप की मदद कर सकते हैं।
इसी उद्देश्य को ध्यान में रखते हुए, जिला बुरहानपुर मनकक्ष विभाग की टीम के द्वारा ग्रामीण क्षेत्र आयुष्मान आरोग्य मंदिर खातला जिला बुरहानपुर में मानसिक स्वास्थ्य जागरूकता को लेकर जांच शिविर का आयोजन किया गया। सामान्य मरीज एवं गर्भवती माता के लिए भी मानसिक स्वास्थ्य परीक्षण करते हुए गर्भावस्था में मन को खुश रहने के उपाय बताए गए एवं परामर्श की सलाह भी दी।
गर्भावस्था में मूड में उतार चढ़ाव होना स्वाभाविक है। गर्भवती होना एवं माता-पिता बनना एक नवीन अनुभव है। इसी विषय को ध्यान में रखते हुए कुल 17 गर्भवती माता का मानसिक परीक्षण कर जांच और निदान किया जा कर प्रचार सामग्री बांटी गई। कार्य क्षेत्र पर उपस्थित स्टाफ को भी मानसिक स्वास्थ्य के महत्व के बारे में जानकारी दी गई एवं मनहित एप डाउनलोड करते हुए टेली मानस नंबर 144 16 मोबाइल में सेव किया गया।
मानसिक स्वास्थ्य जागरूकता कार्यक्रम में जिला चिकित्सालय मनकक्ष विभाग के डॉक्टर देवेंद्र झडानिया, सीनियर नर्सिंग ऑफिसर सीमा डेविड, आयुष्मान आरोग्य मंदिर उप स्वास्थ्य केंद्र खातला जिला बुरहानपुर के सीएचओ डॉक्टर वर्षा गोयल, एएनएम दीपाली देवलिया, एएनएम सुपरवाइजर पार्वती जिला धूलकोट, आशा सुपरवाइजर वैशाली चौधरी, आशा कार्यकर्ता रूपाली चौधरी ,बबीता बाई, रशीदा कुरैशी, लीलाबाई, चसमा बाई के साथ बड़ी संख्या में ग्रामीण क्षेत्र से आए मरीज एवं परिजन उपस्थित रहे।
कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य मानसिक स्वास्थ्य को समर्थन एवं जागरूकता के साथ मनहित से जनहित तक पहुंचना है एवं गर्भावस्था में मानसिक स्वास्थ्य कल्याण के माध्यम से मातृ मृत्यु दर, गर्भस्थ शिशु मृत्यु दर एवं नवजात शिशु मृत्यु दर को काम करते हुए, स्वास्थ्य, सुरक्षित, व्यापक एवं गुणवत्तापूर्ण मानसिक स्वास्थ्य कल्याण के लिए कार्य करना है।
