रहीम शेरानी हिन्दुस्तानी, ब्यूरो चीफ, झाबुआ (मप्र), NIT:

मेघनगर अंतर्गत ग्राम सजेली की रहने वाली गुड्डी कुछ दिन पहले अपने घर से रतलाम का कह कर निकली और अचानक कही गायब हो गई। श्यामगढ़ रेलवे ट्रैक पर घायल अवस्था में जब उसे जीआरपी के जवानों ने देखा तो उसे तुरंत इंदौर के एमवाय हॉस्पिटल लाया गया। किसी ट्रेन से गिरने के कारण गुड्डी का एक पैर बुरी तरह घायल हो चुका था और गुड्डी की मानसिक अवस्था ऐसी नहीं थी कि वो अपना नाम पता ठीक से बता सके।
जब समाजसेवी जय्यू जोशी, सुरेश मोरे, करीम पठान, फिरोज पठान की नजर हॉस्पिटल में घायल लावारिश अवस्था में पड़ी हुई गुड्डी पर पड़ी तो उन्होंने उसकी वेशभूषा देख झाबुआ की संस्था ग्रामीण वनवासी संघ के कार्यकारी अध्यक्ष व सामाजिक कार्यकर्ता राजेन्द्र श्रीवास्तव(नीरज) से संपर्क किया।
नीरज द्वारा झाबुआ के मेघनगर थाने के सहयोग से गुड्डी के परिवार का पता लगाया। आज गुड्डी के पिता कालू और मां उसे इंदौर लेने आए तो मां को देख गुड्डी फूट फूट कर रोने लगी। समाजसेवियों और इंदौर के डॉक्टर द्वारा एंबुलेंस के माध्यम से गुड्डी को झाबुआ अपने माता पिता के साथ जिला अस्पताल रवाना किया जहां डॉक्टर निलेश नायक द्वारा मानवता के आधार पर रात्रि ३ बजे गुड्डी का उपचार शुरू किया।
