मुकेश कुमार रावत, सरहरी/गोरखपुर (यूपी), NIT:
गोरखपुर जिला के गुलरिहा थाने के सरहरी चौकी अंतर्गत ग्राम सभा मंगलपुर के टोला बड़ी कोइलहिया पर एक पुश्तैनी ज़मीन पर सरहरी चौकी प्रभारी कमलेश प्रताप सिंह द्वारा जबरन कब्जा दिलाने का पीड़ित ने आरोप लगाया है। उक्त जमीन पर मुकदमा न्यायालय में विचाराधीन है।
हम आप को बताते चलें कि भरोहिया ब्लाक के ग्राम सभा मंगलपुर के टोला बड़ी कोइलहिया पर दो पाटीदारों धनेसरी देवी पत्नी राधेश्याम व राजेश्वर पुत्र तीरथ का पुश्तैनी ज़मीन है जिस पर पहले एक मकान था उक्त मकान को राजेश्वर के घर वालों ने मिलकर गिरा दिया। उक्त ज़मीन गाटा संख्या 1385 में निर्माण कार्य कराने लगे, उक्त गाटा संख्या में दो पट्टीदार हैं दोनों में पूराने जमीन जिसको बुजुर्गों ने आपसी सहमति से जोतते बोतते आ रहे हैं उक्त नम्बर में धनेसरी देवी के परिवार का नाम और राजेश्वर के परिवार का नाम दर्ज है, दोनों का आरोप है द्वितीय पक्ष कहता है जमीन हमारी है प्रथम पक्ष कहता है कि उक्त जमीन हम दोनों की है इसी को ले करके न्यालय में मुकदमा विचाराधीन है।
द्वितीय पक्ष ने सरहरी चौकी से बात चीत करके उक्त विवादित ज़मीन पर निर्माण कार्य कराने लगा, जब इसकी जानकारी धनेसरी देवी के परिवार को हुआ तो कार्य रोकने के लिए गये जिसको लेकर दोनों में विवाद होने लगा। आरोप है कि राजेश्वर के परिवार वालों ने गन्दी गन्दी गालियां देने लगे और जान मारने की नियत से दौड़ा लिए, किसी तरह भागकर जान बचाई। जब इसकी सूचना सन्तोष ने लिखित एप्लीकेशन सरहरी चौकी पर दिये तो सरहरी चौकी प्रभारी कमलेश प्रताप सिंह ने पीड़ित को गन्दी गन्दी गालियां देने लगे। आरोप है कि चौकी प्रभारी ने कहा निर्माण कार्य होंगा तुम्हारी जितनी ताक़त है लगा लो हम निर्माण कार्य बन्द नहीं होने देंगे, यह जमीन राजेश्वर के परिवार की है।

चौकी प्रभारी ने सन्तोष को जबरन चौकी में बैठा लिया, उनका कहना है कि अगर निर्माण कार्य में अवरोध उत्पन्न करोगे तो फर्जी मुकदमे में फंसा कर तुम लोगों की जिन्दगी बर्बाद कर दूंगा। एक पत्रकार के हस्तक्षेप के बाद हमे सरहरी चौकी से छोड़ा उक्त घटना की सूचना एसपी सिटी को दिया।
पीड़ित का कहना है कि जिस जमीन को ले करके न्यायालय में मुकदमा पंजीकृत है जब तक न्यायालय को कोई आदेश नहीं होता है तब-तब किसी भी पक्ष द्वारा उक्त विवादित जमीन पर कोई निर्माण कार्य न करें।
सरहरी चौकी आये दिन विवादों में रह रही है, इनके द्वारा पत्रकारों को अपशब्द व गन्दी गन्दी गालियां देने का आरोप लगा है लेकिन ज़िला प्रशासन ऐसे गरिमा विहिन अधिकारी के ऊपर कोई कार्रवाई नहीं कर रही है। यदि मुख्यमंत्री के गृह जनपद में बेलगाम हो चुके अधिकारी पर कोई कार्रवाई नहीं हो रही है तो पूरे प्रदेश में क्या स्थिति होगी?
