अबरार अहमद खान/मुकीज खान, भोपाल (मप्र), NIT:

मध्य प्रदेश बिजली उपभोक्ता एसोसिएशन भोपाल द्वारा बिजली के निजीकरण एवं प्रीपेड स्मार्ट मीटर लागने के विरोध में आज दिनांक 25 अक्टूबर मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी लिमिटेड भोपाल के नाम ज्ञापन
सौंपा।
इस दौरान एसोसिएशन के सदस्य विनोद लोगरिया ने मीडिया से चर्चा करते हुऐ कहा कि बिजली आधुनिक युग की अतिआवश्यक वस्तु है। जिसके बिना घर, ऑफिस, व्यापार या फैक्ट्री आदि किसी में भी किसी एक भी मशीन को चलाना संभव नहीं है। यदि हम यह कहें कि बिना बिजली के आधुनिक युगीन जीवन संभव नहीं है तो यह अतिश्योक्ति नहीं होगी। परंतु बिजली के इतना अति आवश्यक होने के बाद भी उसका राज्य व केंद्र सरकारें लगातार निजीकरण कर रही है। पहले जहां इसके वितरण को निजी हाथों में सौंपा गया वहीं आज सरकार इसके पूर्ण निजीकरण की तरफ बढ़ रही है।
इसी क्रम में कई बदलाव इस क्षेत्र में किये जा रहे हैं जैसे स्मार्ट मीटर, बिजली मीटर के शुल्क में वृद्धि तथा अब प्रीपेड स्मार्ट मीटर इसी का परिणाम है। भारत जैसे हमारे देश में प्रीपेड स्मार्ट मीटर न सिर्फ अव्यावहारिक है बल्कि यह आम जनता की लूट को बढ़ावा देगा। क्योंकि इस मीटर के नियंत्रण संबंधित सारे अधिकार AI के माध्यम से कंपनी के ही नियंत्रण में होंगे तथा उपभोक्ताओं के साथ अधिक धोखाधड़ी बिजली खपत की अनियमित व अनियंत्रित रेट इत्यादि् उपभोक्ता की ही लूट ज्यादा संभव है वहीं आज ई के वाई सी के नाम पर सब्सिडी अकाउंट में भेजने की बात कंपनी द्वारा की जा रही है जो कि कुछ और नहीं बल्कि सब्सिडी को पूर्णता खत्म करने की कंपनी की योजना है।
हमने आम उपभोक्ताओं के अधिकारों को ध्यान में रखते हुए मध्य प्रदेश बिजली उपभोक्ता एसोसिएशन भोपाल की ओर से निम्नलिखित मांग करते हैं।
01. स्मार्ट मीटर प्रीपेड स्मार्ट मीटर आदि को लगाना तुरंत बंद किया जाए।
02. बिजली क्षेत्र में हाल ही मे की जा रही ईकेवाईसी (EKYC) या अन्य किसी भी नाम पर सब्सिडी को खत्म करने की नीति वापस ली जाए।
03.बिजली के पूर्णतः निजीकरण पर रोक लगाई जाए।
